Blockquote

Followers

10 December, 2016

मुक्तक : आँख






आंखो मे सुरमा लगाती क्यू है

आईना देख इतराती क्यू है

तुझ पर जाऊ मैं वारि वारि

पर मुझे तू बार बार आजमाती क्यू है



एम के पाण्डेय निल्को

 
आप मेरे ब्लाग पर पधारें व अपने अमूल्य सुझावों से मेरा मार्गदर्शऩ व उत्साहवर्द्धऩ करें, और ब्लॉग पसंद आवे तो कृपया उसे अपना समर्थन भी अवश्य प्रदान करें! धन्यवाद .........!


Loading...