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27 February, 2016

सुविचार

1 :- आसान है !!!
2 :- भगवान के भरोसे मत बैठिये क्या पता भगवान आपके भरोसे बैठा हो…
3 :- सफलता का आधार है सकारात्मक सोच और निरंतर प्रयास !!!
4 :- आओ मिलकर ख़ुशियाँ बांटे !!!
5 :- मेहनत इतनी खामोशी से करो की सफलता शोर मचा दे…
6 :- कामयाब होने के लिए अकेले ही आगे बढ़ना पड़ता है, लोग तो पीछे तब आते है जब हम कामयाब होने लगते है.
7 :- छोड़ दो किस्मत की लकीरों पे यकीन करना, जब लोग बदल सकते हैं तो किस्मत क्या चीज़ है…
8 :- यदि हार की कोई संभावना ना हो तो जीत का कोई अर्थ नहीं है…
9 :- समस्या का नहीं समाधान का हिस्सा बने…
10 :- जिनको सपने देखना अच्छा लगता है उन्हें रात छोटी लगती है और जिनको सपने पूरा करना अच्छा लगता है उनको दिन छोटा लगता है…
11 :- आप अपना भविष्य नहीं बदल सकते पर आप अपनी आदतें बदल सकते है और निशचित रूप से आपकी आदतें आपका भविष्य बदल देगी !
12 :- एक सपने के टूटकर चकनाचूर हो जानें के बाद दूसरा सपना देखने के हौसले को ज़िंदगी कहते है !!!
13 :- वो सपने सच नहीं होते जो सोते वक्त देखें जाते है, सपने वो सच होते है जिनके लिए आप सोना छोड़ देते है…
14 :- सफलता का चिराग परिश्रम से जलता है !!!
15 :- जिनके इरादे बुलंद हो वो सड़कों की नहीं आसमानो की बातें करते है…
16 :- सत्य परेशान हो सकता है पराजित नहीं…
17 :- मैं तुरंत नहीं लेकिन निश्चित रूप से जीतूंगा…
18 :- सबसे बड़ा रोग क्या कहेंगें लोग…
19 :- आशावादी हर आपत्तियों में भी अवसर देखता है और निराशावादी बहाने !!!
20 :- आप में शुरू करने की हिम्मत है तो, आप में सफल होने के लिए भी हिम्मत है…
21 :- सच्चाई वो दिया है जिसे अगर पहाड़ की चोटी पर भी रख दो तो बेशक रोशनी कम करे पर दिखाई बहुत दूर से भी देता है.
22 :- संघर्ष में आदमी अकेला होता है, सफलता में दुनिया उसके साथ होती है ! जिस जिस पर ये जग हँसा है उसी उसी ने इतिहास रचा है.
23 :- खोये हुये हम खुद है और ढूढ़ते ख़ुदा को है !!!
24 :- कामयाब लोग अपने फैसले से दुनिया बदल देते है और नाकामयाब लोग दुनिया के डर से अपने फैसले बदल लेते है…
25 :- भाग्य को और दूसरों को दोष क्यों देना जब सपने हमारे है तो कोशिशें भी हमारी होनी चाहियें !!!
26 :- यदि मनुष्य सीखना चाहे तो उसकी प्रत्येक भूल उसे कुछ न कुछ सिखा देती है !!!
27 :- झूठी शान के परिंदे ही ज्यादा फड़फड़ाते है तरक्की के बाज़ की उड़ान में कभी आवाज़ नहीं होती…
28 :- समस्या का सामना करें, भागे नहीं, तभी उसे सुलझा सकते हैं…
29 :- परिवर्तन से डरना और संघर्ष से कतराना मनुष्य की सबसे बड़ी कायरता है.
30 :- सुंदरता और सरलता की तलाश चाहे हम सारी दुनिया घूम के कर लें लेकिन अगर वो हमारे अंदर नहीं तो फिर सारी दुनिया में कहीं नहीं है.
31 :- ना किसी से ईर्ष्या ना किसी से कोई होड़, मेरी अपनी मंज़िलें मेरी अपनी दौड़…
32 :- ये सोच है हम इंसानों की कि एक अकेला क्या कर सकता है, पर देख ज़रा उस सूरज को वो अकेला ही तो चमकता है !!!
33 :- लगातार हो रही सफलताओं से निराश नहीं होना चाहिए क्योंकि कभी कभी गुच्छे की आखिरी चाबी भी ताला खोल देती है…
34 :- जल्द मिलने वाली चीजें ज्यादा दिन तक नहीं चलती और जो चीजें ज्यादा दिन तक चलती है वो जल्दी नहीं मिलती है.
35 :- इंसान तब समझदार नहीं होता जब वो बड़ी बड़ी बातें करने लगे, बल्कि समझदार तब होता है जब वो छोटी छोटी बातें समझने लगे…
36 :- सेवा सभी की करना मगर आशा किसी से भी ना रखना क्योंकि सेवा का वास्तविक मूल्य नही दे सकते है,
37 :- मुश्किल वक्त का सबसे बड़ा सहारा है “उम्मीद” !! जो एक प्यारी सी मुस्कान दे कर कानों में धीरे से कहती है “सब अच्छा होगा” !!
38 :- दुनिया में कोई काम असंभव नहीं, बस हौसला और मेहनत की जरुरत है !!!
39 :- वक्त आपका है चाहे तो सोना बना लो और चाहे तो सोने में गुजार दो, दुनिया आपके उदाहरण से बदलेगी आपकी राय से नहीं…
40 :- बदलाव लाने के लिए स्वयं को बदले…
41 :- सफल व्यक्ति लोगों को सफल होते देखना चाहते है, जबकि असफल व्यक्ति लोगों को असफल होते देखना चाहते है…
42 :- घड़ी सुधारने वाले मिल जाते है लेकिन समय खुद सुधारना पड़ता है !!!
43 :- दुनिया में सब चीज मिल जाती है केवल अपनी ग़लती नहीं मिलती…
44 :- क्रोध और आंधी दोनों बराबर… शांत होने के बाद ही पता चलता है की कितना नुकसान हुवा…
45 :- चाँद पे निशान लगाओ, अगर आप चुके तो सितारों पे तो जररू लगेगा !!!
46 :- गरीबी और समृद्धि दोनों विचार का परिणाम है…
47 :- पसंदीदा कार्य हमेशा सफलता, शांति और आनंद ही देता है…
48 :- जब हौसला बना ही लिया ऊँची उड़ान का तो कद नापना बेकार है आसमान का…
49 :- अपनी कल्पना को जीवन का मार्गदर्शक बनाए अपने अतीत को नहीं…
50 :- समय न लागओ तय करने में आपको क्या करना है, वरना समय तय कर लेगा की आपका क्या करना है.
51 :- अगर तुम उस वक्त मुस्कुरा सकते हो जब तुम पूरी तरह टूट चुके हो तो यकीन कर लो कि दुनिया में तुम्हें कभी कोई तोड़ नहीं सकता !!!
52 :- कल्पना के बाद उस पर अमल ज़रुर करना चाहिए। सीढ़ियों को देखते रहना ही पर्याप्त नहीं है, उन पर चढ़ना भी ज़रुरी है।
53 :- हमें जीवन में भले ही हार का सामना करना पड़ जाये पर जीवन से कभी नहीं हारना चाहिए…
54 :- सीढ़ियां उन्हें मुबारक हो जिन्हें छत तक जाना है, मेरी मंज़िल तो आसमान है रास्ता मुझे खुद बनाना है !!!
55 :- हजारों मील के सफ़र की शुरुआत एक छोटे कदम से होती है…
56 :- मनुष्य वही श्रेष्ठ माना जाएगा जो कठिनाई में अपनी राह निकालता है ।
57 :- पुरुषार्थ से असंभव कार्य भी संभव हो जाता है…
58 :- प्रतिबद्ध मन को कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है, पर अंत में उसे अपने परिश्रम का फल मिलेगा ।
59 :- असंभव समझे जाने वाला कार्य संभव करके दिखाये, उसे ही प्रतिभा कहते हैं ।
60 :- आने वाले कल को सुधारने के लिए बीते हुए कल से शिक्षा लीजिए…
61 :- जो हमेशा कहे मेरे पास समय नहीं है, असल में वह व्यस्त नहीं बल्कि अस्त-व्यस्त है ।
62 :- कठिनाइयाँ मनुष्य के पुरुषार्थ को जगाने आती हैं…
63 :- क्रोध वह हवा है जो बुद्धि के दीप को बुझा देती है ।
64 :- आपका भविष्य उससे बनता है जो आप आज करते हैं, उससे नहीं जो आप कल करेंगे…
65 :- बन सहारा बे सहारों के लिए बन किनारा बे किनारों के लिए, जो जिये अपने लिए तो क्या जिये जी सको तो जियो हजारों के लिए ।
66 :- चाहे हजार बार नाकामयाबी हो, कड़ी मेहनत और सकारात्मक सोच के साथ लगे रहोगे तो अवश्य सफलता तुम्हारी है…
67 :- खुद की तरक्की में इतना समय लगा दो, कि किसी और की बुराई का वक्त ही ना मिले !!!
68 :- प्रगति बदलाव के बिना असंभव है, और जो अपनी सोच नहीं बदल सकते वो कुछ नहीं बदल सकते…
69 :- खुशी के लिए काम करोगे तो ख़ुशी नहीं मिलेगी, लेकिन खुश होकर काम करोगे, तो ख़ुशी और सफलता दोनों ही मिलेगी ।
70 :- पराजय तब नहीं होती जब आप गिर जाते हैं, पराजय तब होती है जब आप उठने से इनकार कर देते हैं ।
71 :- मन बुद्ध जैसा और दिल बच्चों जैसा होना चाहिए !!!
72 :- अगर भरोसा उपरवाले पे है तो जो लिखा है तकदीर में वही पाओगे, मगर भरोसा अगर खुद पे है तो वो वही लिखेगा जो आप चाहेंगे ।
73 :- कोशिश करने की हिम्मत ना होनी यही सही अर्थ में निष्फलता है…
74 :- अतीत के ग़ुलाम नहीं बल्कि भविष्य के निर्माता बनो…
75 :- सफलता हमारा जन्मसिद्ध हक़ है और इसे पाने के लिए ही हमारा जन्म हुआ है !!!
76 :- सफलता तो आप द्वारा सोचे गए विचार का अंतिम परिणाम है…
77 :- अधूरी जानकारी डर का कारण है, पर्याप्त समझ निर्भयता लाती है !!!
78 :- हमेशा लक्ष्य के साथ रहने वाले लोग सफल होते है, क्योंकि उन्हें पता होता है की कहा जाना चाहते हैं ।
79 :- अच्छा परिणाम चाहते हो ? फिर अच्छे विचार करो…
80 :- सपने देखने और नए लक्ष्य रखने के लिए आप कभी उम्र दर्राज नहीं होते !!!
81 :- ज़माना जब भी मुझे मुश्किल में डाल देता है, मेरा रब हजारों रास्ते निकाल देता है !!!
82 :- बार बार विफलता मिले तो निराश मत हो, महान वैज्ञानिक एडीसन सफल होने से पहले 10,000 बार विफल हुये थे ।
83 :- प्रत्येक विफलता में लाभों के बीज होते हैं…
84 :- जो लोग संघर्ष से नहीं कतराते, जीत हमेशा उनकी ही होती है !!!
85 :- विजेता होने के लिए आवश्यक है स्पष्ट लक्ष्य और इसे प्राप्त करने की प्रबल इच्छा…
86 :- असफलता की चिंता मत करो, बल्कि बिना कोशिश किये खोयें अवसरों की चिंता करो ।
87 :- समस्याओं से मत डरो वे आपको तोड़ने नहीं बल्कि मजबूत बनाने आती है…
88 :- अगर आप पराजय से कुछ सीखते है तो पराजय भी आपका कुछ नुकसान नहीं कर सकता !!!
89 :- भाग्य के भरोसे बैठे रहने वाले आलसी हमेशा पराजय को गले लगाता है ।
90 :- असफलता केवल यह सिद्ध करती है कि सफलता का प्रयत्न पूरे मन से नहीं हुआ…
91 :- बिना तय मंज़िल के राह पर भटकना व्यर्थ है…
92 :- चुनौतियों को चुनौती दो तो वह डराना बंद कर देंगी…
93 :- पसीने की स्याही से जो लिखते है अपने इरादों को, उनके मुक़द्दर के पन्ने कभी कोरे नहीं हुआ करते !!!
94 :- जीवन दिन काटने के लिए नहीं, कुछ महान कार्य करने के लिए है ।
95 :- कठिन समय की चुनौती केवल धैर्य और हिम्मत से जीती जा सकती है !!!
96 :- अगर आप असफल होगें तो शायद आप निराश ही होगें लेकिन आप कोशिश ही नहीं करोगे तो आप गुनहगार होंगे…
97 :- छोटे छोटे परिवर्तन ही बड़े बदलाव की नींव रखते है !!!
98 :- क्यों डरे जिंदगी में क्या होगा? हर वक्त क्यों सोचे कि बुरा होगा, बढ़ते रहें मंजिलों की और हम, कुछ भी न मिला तो क्या? तजुर्बा तो नया होगा ।
99 :- सफलता साहस पूर्वक काम करने वाले के पास जाती है, यह कायरों के पास नहीं जाती है…
100 :- सामना करने से ही समस्याओं का समाधान मिलता है न कि उनसे भाग कर…
101 :- जीवन में दो ही व्यक्ति असफल होते है, जो सोचते है पर करते नहीं दूसरे वे जो करते तो है, पर सोचते नहीं…

VMW Team - आरक्षण की मांग करे

आओ मिलकर आग लगाएं,नित नित नूतन स्वांग करें,
पौरुष की नीलामी कर दें,आरक्षण की मांग करें,

पहले से हम बंटे हुए हैं,और अधिक बंट जाएँ हम,
100 करोड़ हिन्दू है,मिलकर इक दूजे को खाएं हम,

देश मरे भूखा चाहे पर अपना पेट भराओ जी,
शर्माओ मत,भारत माँ के बाल नोचने आओ जी,

तेरा हिस्सा मेरा हिस्सा,किस्सा बहुत पुराना है,
हिस्से की रस्साकसियों में भूल नही ये जाना है,

याद करो ज़मीन के हिस्सों पर जब हम टकराते थे,
गज़नी कासिम बाबर मौका पाते ही घुस आते थे

अब हम लड़ने आये हैं आरक्षण वाली रोटी पर,
जैसे कुत्ते झगड़ रहे हों कटी गाय की बोटी पर,

हमने कलम किताब लगन को दूर बहुत ही फेंका है,
नाकारों को खीर खिलाना संविधान का ठेका है,

मैं भी पिछड़ा,मैं भी पिछड़ा,कह कर बनो भिखारी जी,
ठाकुर पंडित बनिया सब के सब कर लो तैयारी जी,

जब पटेल के कुनबों की थाली खाली हो सकती है,
कई राजपूतों के घर भी कंगाली हो सकती है,

बनिए का बेटा रिक्शे की मज़दूरी कर सकता है,
और किसी वामन का बेटा भूखा भी मर सकता है,

आओ इन्ही बहानों को लेकर,सड़कों पर टूट पड़ो,
अपनी अपनी बिरादरी का झंडा लेकर छूट पड़ो,

शर्म करो,हिन्दू बनते हो,नस्लें तुम पर थूंकेंगी,
बंटे हुए हो जाति पंथ में,ये ज्वालायें फूकेंगी,

मैं पटेल हूँ मैं गुर्जर हूँ,लड़ते रहिये शानों से,
फिर से तुम जूते खाओगे गजनी की संतानो से,

ऐसे ही हिन्दू समाज के कतरे कतरे कर डालो,
संविधान को छलनी कर के,गोबर इसमें भर डालो,

राम राम करते इक दिन तुम अस्सलाम हो जाओगे,
बंटने पर ही अड़े रहे तो फिर गुलाम हो जाओगे,

18 February, 2016

Freedom 251 Smartphone: भारत का सबसे सस्ता स्मार्टफोन


नोएडा स्थित रिंगिंग बेल्स भारत का सबसे सस्ता स्मार्टफोन Freedom 251 लेकर आई है। कंपनी ने इस स्मार्टफोन की कीमत महज 251 रूपए रखी गई है। हालांकि इतनी कम कीमत में स्मार्टफोन पेश करने को लेकर लोगों को इसके फीचर्स और स्फेशिफिकेशंस को लेकर संशय है। क्योंकि महज 215 रूपए में एक स्मार्टफोन उपलब्ध करवाना किसी कंपनी के लिए आसान काम नहीं होता हैं।

इतनी कम कीमत के बावजूद इस स्मार्टफोन में शानदार फीचर्स और स्फेशिफिकेशंस दिए गए हैं।

Bells के इस नए हैंडसेट की कीमत 3 से 4 हजार नहीं है और न ही 2 से 3 हजार रूपए के बीच है, बल्कि यह स्मार्टफोन इतना सस्ता है कि इसके सामने नोकिया और सैमसंग के फीचर फोन भी महंगे लगेंगे। इस स्मार्टफोन की कीमत महज 251 रूपए है। इस फोन फीचर्स और स्फेशिफिकेशंस के बारे में लॉन्चिंग के मौके पर ही बताया जाएगा।




रिंगिंग बेल्स फ्रीडम 251 की एडवांस बुकिंग्स 18 फरवरी से 21 फरवरी तक चालू है। बुक हुए स्मार्टफोन्स को 30 जून 2016 तक डिलीवर किया जाएगा।


 इस फोन को आप यहां क्लिक कर बुक करवा सकते हैं।




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14 February, 2016

तुम अफज़ल का गुण गाते हों

गज़नी का है तुम में खून भरा जो तुम अफज़ल का गुण गाते हों,
जिस देश में तुमने जनम लिया उसको दुश्मन बतलाते हो!
भाषा की कैसी आज़ादी जो तुम भारत माँ का अपमान करो,
अभिव्यक्ति का ये कैसा रूप जो तुम देश की इज़्ज़त नीलाम करो!
अफज़ल को अगर शहीद कहते हो तो हनुमनथप्पा क्या कहलायेगा,
कोई इनके रहनुमाओं का मज़हब मुझको बतलायेगा!
अपनी माँ से जंग करके ये कैसी सत्ता पाओगे,
जिस देश के तुम गुण गाते हो, वहाँ बस काफिर कहलाओगे!
हम तो अफज़ल मारेंगे तुम अफज़ल फिर से पैदा कर लेना,
तुम जैसे नपुंसको पे भारी पड़ेगी ये भारत सेना!
तुम ललकारो और हम न आये ऐसे बुरे हालात नहीं
भारत को बर्बाद करो इतनी भी तुम्हारी औकात नहीं!
कलम पकड़ने वाले हाथों को बंदूक उठाना ना पड़ जाए,
अफज़ल के लिए लड़ने वाले कहीं हमारे हाथो न मर जाये!
भगत सिंह और आज़ाद की इस देश में कमी नहीं,
बस इक इंक़लाब होना चाहिए,
इस देश को बर्बाद करने वाली हर आवाज दबनी चाहिए!
ये देश तुम्हारा है ये देश हमारा है, हम सब इसका सम्मान करें,
जिस मिट्टी पे हैं जनम लिया उसपे हम अभिमान करें! जय हिंद ।

10 February, 2016

जिले की बेटी मंजुला दक्षिण एशियाई खेल में अपनी प्रतिभा दिखाएगी।

जिले की बेटी मंजुला दक्षिण एशियाई खेल स्पर्धा बुधवार को अपनी प्रतिभा दिखाएगी। उसे हैंडबाल प्रतियोगिता में भारत की ओर से खेलने का मौका मिला है।वह गुवाहाटी के खेल स्टेडियम में कड़े अभ्यास में जुटी है।

लार, संजाव की मंजुला ने टाउन हाल स्थित प्राथमिक स्कूल से प्राथमिक शिक्षा पास की। इंटर नोनापार स्थित मणिनाथ इंटर कॉलेज से और वर्तमान में वह गोरखपुर विश्व विद्यालय से स्नातक कर रही है।

विशुनपुर कला इंटर कॉलेज में शिक्षक पिता विनोद पाठक कहते हैं कि उसने 11 वर्ष पहले जनपद स्तरीय हैंडबाल प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया।

जूनियर के बाद उसे सीनियर टीम में भी खेलने का मौका मिला। वर्ष 2015 में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने राज्य स्तरीय हैंडबाल प्रतियोगिता में अव्वल आने पर मंजुला को सम्मानित किया।

पूर्वोत्तर रेलवे सीनियर नेशनल टीम में भी वह खेल चुकी है।वहीं मंजुला पाठक ने बातचीत में बताया कि खेल के प्रति उसकी रूचि बचपन से रही है।

माहौल तब मिला जब 2010 में भारतीय खेल प्राधिकरण लखनऊ में दाखिला हुआ। कोच मुहम्मद आसिफ खान के निर्देशन में पांच वर्ष हैंडबाल खेला।

राज्य में कई जगह खेलने के बाद चयन खेल कोटे से रेलवे में हो गया। वर्तमान में गोरखपुर जंक्शन में टीसी के पद पर तैनात मंजुला के� रेलवे के कोच फुरकान अहमद के साथ गुवाहाटी स्टेडियम में अभ्यास कर रही है।

10 फरवरी से 16 फ़रवरी तक दक्षिण एशियाई टीम में भारत की ओर से खेलना है। इसमें पाकिस्तान, श्रीलंका, अफगानिस्तान, नेपाल आदि देशों के खिलाड़ी भाग ले रहे हैं।

मंजुला के चयन पर बाबा अवकाश प्राप्त शिक्षक नगनारायण पाठक, विनोद पाठक,� डॉ. जय प्रकाश पाठक, पत्रकार नर्वदेश्वर पाण्डेय देहाती, डॉ. मनोज कुमार पाठक, अमरेश पाण्डेय, ब्रजेश पाण्डेय, नीरज पाण्डेय, योगेश, मधुलेश, पवन कुमार पाठक, मनोज पाण्डेय, अरविन्द दूबे, परमात्मा दूबे, सुमंत दूबे आदि ने खुशी का का इजहार किया है।
अमर उजाला

08 February, 2016

भगवान श्री कृष्ण के जीवन सी जुड़ी 24 अनसुनी बातें


1. भगवान श्री कृष्ण के खड्ग का नाम ‘नंदक’, गदा
का नाम ‘कौमौदकी’ और शंख का नाम ‘पांचजन्य’ था जो गुलाबी रंग का था।

2. भगवान् श्री कॄष्ण के परमधामगमन के समय ना तो
उनका एक भी केश श्वेत था और ना ही उनके शरीर पर कोई झुर्री थीं।

3.भगवान् श्री कॄष्ण के धनुष का नाम शारंग व मुख्य
आयुध चक्र का नाम ‘ सुदर्शन’ था। वह लौकिक , दिव्यास्त्र व देवास्त्र तीनों रूपों में कार्य कर सकता था
उसकी बराबरी के विध्वंसक केवल दो अस्त्र और थे पाशुपतास्त्र ( शिव , कॄष्ण और अर्जुन के पास
थे) और प्रस्वपास्त्र ( शिव , वसुगण , भीष्म और
कॄष्ण के पास थे) ।

4. भगवान् श्री कॄष्ण की परदादी ‘मारिषा’ व सौतेली मां रोहिणी( बलराम की मां) ‘नाग’ जनजाति
की थीं.

5. भगवान श्री कॄष्ण से जेल में बदली गई यशोदापुत्री का नाम एकानंशा था, जो आज विंध्यवासिनी देवी के नाम से पूजी जातीं हैं।

6. भगवान् श्री कॄष्ण की प्रेमिका ‘राधा’ का वर्णन महाभारत, हरिवंशपुराण, विष्णुपुराण व भागवतपुराण में नहीं है। उनका उल्लेख बॄम्हवैवर्त पुराण, गीत गोविंद व प्रचलित जनश्रुतियों में रहा है।

7. जैन परंपरा के मुताबिक, भगवान श्री कॄष्ण के
चचेरे भाई तीर्थंकर नेमिनाथ थे जो हिंदू परंपरा में ‘घोर
अंगिरस’ के नाम से प्रसिद्ध हैं.

8. भगवान् श्री कॄष्ण अंतिम वर्षों को छोड़कर कभी भी द्वारिका में 6 महीने से अधिक नहीं रहे।

9. भगवान श्री कृष्ण ने अपनी औपचारिक शिक्षा उज्जैन के संदीपनी आश्रम में मात्र कुछ महीनों में पूरी कर ली थी।

10. ऐसा माना जाता है कि घोर अंगिरस अर्थात नेमिनाथ के यहाँ रहकर भी उन्होंने साधना की
थी.

11. प्रचलित अनुश्रुतियों के अनुसार, भगवान श्री
कॄष्ण ने मार्शल आर्ट का विकास ब्रज क्षेत्र के वनों में किया था और डांडिया रास उसी का नॄत्य रूप है।

’12. कलारीपट्टु’ का प्रथम आचार्य कॄष्ण को माना
जाता है। इसी कारण ‘नारायणी सेना’ भारत की सबसे भयंकर प्रहारक सेना बन गई थी।

13. भगवान श्रीकृष्ण के रथ का नाम ‘जैत्र’ था और
उनके सारथी का नाम दारुक/ बाहुक था। उनके घोड़ों
(अश्वों) के नाम थे शैव्य, सुग्रीव, मेघपुष्प और बलाहक।

14. भगवान श्री कृष्ण की त्वचा का रंग मेघश्यामल था और उनके शरीर से एक मादक गंध
स्रावित होती थी.

15. भगवान श्री कॄष्ण की मांसपेशियां मृदु परंतु युद्ध के समय विस्तॄत हो जातीं थीं, इसलिए सामन्यतः लड़कियों के समान दिखने वाला उनका लावण्यमय
शरीर युद्ध के समय अत्यंत कठोर दिखाई देने लगता था ठीक ऐसे ही लक्ष्ण कर्ण, द्रौपदी व कॄष्ण के शरीर में देखने को मिलते थे।

16. जनसामान्य में यह भ्रांति स्थापित है कि अर्जुन सर्वश्रेष्ठ धनुर्धर थे, परंतु वास्तव में कॄष्ण इस विधा में भी सर्वश्रेष्ठ थे और ऐसा सिद्ध हुआ मद्र राजकुमारी
लक्ष्मणा के स्वयंवर में जिसकी प्रतियोगिता द्रौपदी स्वयंवर के ही समान परंतु और कठिन थी।

17. यहां कर्ण व अर्जुन दोंनों असफल हो गये और तब श्री कॄष्ण ने लक्ष्यवेध कर लक्ष्मणा की इच्छा पूरी की, जो पहले से ही उन्हें अपना पति मान चुकीं
थीं।

18. भगवान् श्री युद्ध कृष्ण ने कई अभियान और
युद्धों का संचालन किया था, परंतु इनमे तीन सर्वाधिक
भयंकर थे। 1- महाभारत, 2- जरासंध और कालयवन के विरुद्ध, 3- नरकासुर के विरुद्ध

19. भगवान् श्री कृष्ण ने केवल 16 वर्ष की आयु में विश्वप्रसिद्ध चाणूर और मुष्टिक जैसे मल्लों का वध किया. मथुरा में दुष्ट रजक के सिर
को हथेली के प्रहार से काट दिया.

20. भगवान् श्री कॄष्ण ने असम में बाणासुर से युद्ध
के समय भगवान शिव से युद्ध के समय माहेश्वर ज्वर के विरुद्ध वैष्णव ज्वर का प्रयोग कर विश्व का प्रथम ‘जीवाणु युद्ध’ किया था।

21. भगवान् श्री कॄष्ण के जीवन का सबसे भयानक द्वंद युद्ध सुभुद्रा की प्रतिज्ञा के कारण अर्जुन के साथ हुआ था, जिसमें दोनों ने अपने अपने सबसे विनाशक शस्त्र क्रमशः सुदर्शन चक्र और पाशुपतास्त्र निकाल
लिए थे। बाद में देवताओं के हस्तक्षेप से दोंनों शांत हुए।

22. भगवान् श्री कृष्ण ने 2 नगरों की स्थापना की थी द्वारिका (पूर्व मे कुशावती) और पांडव पुत्रों के द्वारा इंद्रप्रस्थ ( पूर्व में खांडवप्रस्थ)।

23. भगवान् श्री कृष्ण ने कलारिपट्टू की नींव रखी जो बाद में बोधिधर्मन से होते हुए आधुनिक मार्शल आर्ट में विकसित हुई।

24. भगवान् श्री कृष्ण ने श्रीमद्भगवतगीता के रूप में आध्यात्मिकता की वैज्ञानिक व्याख्या दी, जो मानवता के लिए आशा का सबसे बडा संदेश थी, है और सदैव रहेगी.

प्रस्तुति
एम के पाण्डेय निल्को

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