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13 November, 2015

चित्रगुप्त पूजनोत्सव की मंगलकामना।

कथाओं में लिखा है कि यमराज इतने व्यस्त रहते थे, कि कभी बहन यमुना के घर नहीं जा पाते। इस पर यमुना को बहुत दुःख होता था। कार्तिक शुक्ल पक्ष द्वितीय को यमराज अचानक यमुना के घर पहुंचे, तो यमुना बहुत प्रसन्न हुईं और यमराज की खूब आवभगत की। यमराज ने प्रसन्न हो कर वर दिया कि आज के दिन बहन के घर भोजन करने वाले को यम का भय न होगा। इस परंपरा के माध्यम से हर भाई-बहन के बीच स्नेह बढे, इस प्रार्थना के साथ आप सबको भाई दूज या भातृ-द्वितीया की अनंत शुभकामनाएँ। साथ ही चित्रगुप्त पूजनोत्सव की मंगलकामना।
सादर
एम के पाण्डेय निल्को

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