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27 November, 2015

हाय रे - आमिर खान

शाहरुख़ का मुँह बन्द हुआ था फिर से आमिर बोल गया
भारत से शीतल चन्दन पर वो अपना विष घोल गया ।

सत्यमेव के नायक का जब कर्म घिनौना होता है
इन पर लिखने से कवीता का स्तर बौना होता है

पर तटस्थ रहना कब सीखा दिनकर की संतानों ने
भारत का ठेका ले रखा बॉलीवुड के खानों ने

श्री राम की पावन भूमि पर जिनको डर लगता है
पाक सीरिया यमन इन्हें मनमानस का घर लगता है

इनसे कह दो भारत में खुशहाल मवेशी रहते हैं
कश्मीरी पण्डित स ज्यादा बंग्लादेशी रहते हैं

बचपन में खेले जिस पर उस माटी से मतभेद किया
जिस थाली में खाया आमिर तुमने उसमे छेद किया

भारत ही बस मौन रहा है शिव जी के अपमान में
पी के जैसी फ़िल्म बनाते यदि जो पाकिस्तान में

जीवन रक्षा की खातिर हाफिज को मना रहे होते
अभिनेता न बन पाते बस पंचर बना रहे होते

जितना भारत से पाया अब देते  हुए लगान चलो
बोरिया बिस्तर बाँधो आमिर जल्दी पाकिस्तान चलो ।

अभिनेता आमीर खान बनाम असहिष्णुता


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"तूने कहा,सुना हमने अब मन टटोलकर सुन ले तू,
सुन ओ आमीर खान,अब कान खोलकर सुन ले तू,"

तुमको शायद इस हरकत पे शरम नहीं आने की,
तुमने हिम्मत कैसे की जोखिम में हमें बताने की

शस्य श्यामला इस धरती के जैसा जग में और नहीं
भारत माता की गोदी से प्यारा कोई ठौर नहीं

घर से बाहर जरा निकल के अकल खुजाकर पूछो
हम कितने हैं यहां सुरक्षित, हम से आकर पूछो

पूछो हमसे गैर मुल्क में मुस्लिम कैसे जीते हैं
पाक, सीरिया, फिलस्तीन में खूं के आंसू पीते हैं

लेबनान, टर्की,इराक में भीषण हाहाकार हुए
अल बगदादी के हाथों मस्जिद में नर संहार हुए

इजरायल की गली गली में मुस्लिम मारा जाता है
अफगानी सडकों पर जिंदा शीश उतारा जाता है

यही सिर्फ वह देश जहां सिर गौरव से तन जाता है
यही मुल्क है जहां मुसलमान राष्ट्रपति बन जाता है

इसकी आजादी की खातिर हम भी सबकुछ भूले थे
हम ही अशफाकुल्ला बन फांसी के फंदे झूले थे

हमने ही अंग्रेजों की लाशों से धरा पटा दी थी
खान अजीमुल्ला बन लंदन को धूल चटा दी थी

ब्रिगेडियर उस्मान अली इक शोला थे,अंगारे थे
उस सिर्फ अकेले ने सौ पाकिस्तानी मारे थे

हवलदार अब्दुल हमीद बेखौफ रहे आघातों से
जान गई पर नहीं छूटने दिया तिरंगा हाथों से

करगिल में भी हमने बनकर हनीफ हुंकारा था
वहाँ मुसर्रफ के चूहों को खेंच खेंच के मारा था

मिटे मगर मरते दम तक हम में जिंदा ईमान रहा
होठों पे कलमा रसूल का दिल में हिंदुस्तान रहा

इसीलिए कहता हूँ तुझसे,यूँ भड़काना बंद करो
जाकर अपनी फिल्में कर लो हमें लडाना बंद करो

बंद करो नफरत की स्याही से लिक्खी
पर्चेबाजी
बंद करो इस हंगामें को, बंद करो ये लफ्फाजी

यहां सभी को राष्ट्र वाद के धारे में बहना होगा
भारत में भारत माता का बनकर ही रहना होगा

भारत माता की बोली भाषा से जिनको प्यार नहीं
उनको भारत में रहने का कोई भी अधिकार नहीं"
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25 November, 2015

आपको सर्दी की शुभकामनांए

जाड़े की धूप

              टमाटर का सूप ।।

मूंगफली के दाने

            छुट्टी के बहाने ।।

तबीयत नरम

                पकौड़े गरम ।।

ठंडी हवा

               मुँह से धुँआ ।।

फटे हुए गाल

             सर्दी से बेहाल ।।

तन पर पड़े

                 ऊनी कपड़े ।।

दुबले भी लगते

                   मोटे तगड़े ।।

किटकिटाते दांत

             ठिठुरते ये हाथ ।।

जलता अलाव

              हाथों का सिकाव ।।

गुदगुदा बिछौना

                रजाई में सोना ।।

सुबह का होना

                सपनो में खोना ।।

स्वागत है सर्दियों का आना

आपको सर्दी की शुभकामनांए

23 November, 2015

आखिर कब तक ढूँढेगा निल्को

बहुत याद आउगा 
जब छोड़ के जाउगा
चाहे लाख बुराई क्यू न हो
पर तुम जैसा दोस्त नहीं पाउगा


बहुत छेड़ता हूँ न मैं
परेशान भी करता हूँ न मैं
गुस्सा तुम होते हो मन ही मन
पर मनाता भी न हूँ मैं

क्यू सताते हो कुछ इस तरह
मिलते नहीं हो रोज की  तरह
आखिर कब तक ढूँढेगा निल्को
तुम्हे बीच इस शहर


कहती हो न की छोडो मुझको
अपनी बाहों में न लो मुझको
उस दिन आँसू न बहाना
जिसदिन छोड़ जाऊगा तुम सबको


बहुत ही अच्छा मैं तो नहीं
दिल से बच्चा मैं तो नहीं
पर एक बात तो कहूँगा ही
थोडा सा सच्चा मैं भी सही
एम के पाण्डेय निल्को 



13 November, 2015

चित्रगुप्त पूजनोत्सव की मंगलकामना।

कथाओं में लिखा है कि यमराज इतने व्यस्त रहते थे, कि कभी बहन यमुना के घर नहीं जा पाते। इस पर यमुना को बहुत दुःख होता था। कार्तिक शुक्ल पक्ष द्वितीय को यमराज अचानक यमुना के घर पहुंचे, तो यमुना बहुत प्रसन्न हुईं और यमराज की खूब आवभगत की। यमराज ने प्रसन्न हो कर वर दिया कि आज के दिन बहन के घर भोजन करने वाले को यम का भय न होगा। इस परंपरा के माध्यम से हर भाई-बहन के बीच स्नेह बढे, इस प्रार्थना के साथ आप सबको भाई दूज या भातृ-द्वितीया की अनंत शुभकामनाएँ। साथ ही चित्रगुप्त पूजनोत्सव की मंगलकामना।
सादर
एम के पाण्डेय निल्को

09 November, 2015

दीपावली पर माँ लक्ष्मी की पूजा कैसे करे

सबसे बड़ा सवाल की दीपावली पर माँ लक्ष्मी की पूजा कैसे करे ताकि साल भर उनकी कृपा मिलती रहे इस विषय पर कुछ जानकारी बता रही है ऐस्ट्रॉलजर निर्मला सेवानी जी ।

Diwali special | Shree Aradhna Puja by Nirmala sewani Part 1 | First India News Rajasthan
https://www.youtube.com/watch?v=Onbc20p0xOY
#Diwali #puja

Diwali special | Shree Aradhna Puja By Nirmala sewani Part 3 | First India News Rajasthan
https://www.youtube.com/watch?v=DNqEFIcvppE
#Diwali #puja

Diwali special | Shree Aradhna Puja By Nirmala sewani Part 2 First India News Rajasthan
https://www.youtube.com/watch?v=ulckrDrL5GM
#Diwali #puja

01 November, 2015

प्रधानमंत्रीजी के नाम एक दुखियारी भैंस का खुला ख़त

प्रधानमंत्री जी,

सबसे पहले तो मैं यह स्पष्ट कर दूं कि मैं ना आज़म खां 😈की भैंस हूं और ना लालू 👺यादव की!

ना मैं कभी रामपुर गयी ना पटना!
मेरा उनकी भैंसों से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं है।

यह सब मैं इसलिये बता रही हूं कि कहीं आप मुझे विरोधी पक्ष की भैंस ना समझे लें।

मैं तो भारत के करोड़ों इंसानों की तरह आपकी बहुत बड़ी फ़ैन हूं।

जब आपकी सरकार बनी तो जानवरों में सबसे ज़्यादा ख़ुशी 😆हम भैंसों को ही हुई थी।

हमें लगा कि ‘अच्छे दिन’ सबसे पहले हमारे ही आयेंगे।
लेकिन हुआ एकदम उल्टा! आपके राज में तो हमारी और भी दुर्दशा हो गयी।
अब तो जिसे देखो वही गाय की तारीफ़ 👌🏼करने में लगा हुआ है। कोई उसे माता ⛄बता रहा है तो कोई बहन!👩🏻 अगर गाय माता है तो हम भी तो आपकी चाची, ताई, मौसी, बुआ कुछ लगती ही होंगी!

हम सब समझती हैं। हम अभागनों का रंग काला है ना! इसीलिये आप इंसान लोग हमेशा हमें ज़लील करते रहते हो और गाय को सर पे चढ़ाते रहते हो!

आप किस-किस तरह से हम भैंसों का अपमान करते हो, उसकी मिसाल देखिये।

आपका काम बिगड़ता है अपनी ग़लती से और टारगेट करते हो हमें कि

देखो गयी भैंस पानी मे

.
.
.
.

गाय को क्यूं नहीं भेजते पानी में! वो महारानी क्या पानी में गल जायेगी?😨😱😠

आप लोगों में जितने भी लालू लल्लू हैं, उन सबको भी हमेशा हमारे नाम पर ही गाली दी जाती है

काला अक्षर भैंस बराबर

माना कि हम अनपढ़ हैं,

लेकिन गाय ने क्या पीएचडी की हुई है?😠😡😠

जब आपमें से कोई किसी की बात नहीं सुनता, तब भी हमेशा यही बोलते हो कि

भैंस के आगे बीन बजाने से क्या फ़ायदा!

आपसे कोई कह के मर गया था कि हमारे आगे बीन बजाओ? बजा लो अपनी उसी प्यारी गाय के आगे!😠😡😤

अगर आपकी कोई औरत
फैलकर बेडौल हो जाये तो उसे भी हमेशा हमसे ही कंपेयर करोगे कि

भैंस की तरह मोटी हो गयी हो

करीना; कैटरीना गाय और डॉली बिंद्रा भैंस! वाह जी वाह!
😖😤😨

गाली-गलौच करो आप और नाम बदनाम करो हमारा कि

भैंस पूंछ उठायेगी तो गोबर ही करेगी

हम गोबर करती हैं तो गाय क्या हलवा करती है? 😥😰😠

अपनी चहेती गाय की मिसाल आप सिर्फ़ तब देते हो, जब आपको किसी की तारीफ़ करनी होती है-

वो तो बेचारा गाय की तरह सीधा है, या- अजी, वो तो राम जी की गाय है!

तो गाय तो हो गयी राम जी की और हम हो गये लालू जी के!

वाह रे इंसान! ये हाल तो तब है, जब आप में से ज़्यादातर लोग हम भैंसों का दूध पीकर ही सांड बने घूम रहे हैं।

उस दूध का क़र्ज़ चुकाना तो दूर, उल्टे हमें बेइज़्ज़त करते हैं! आपकी चहेती गायों की संख्या तो हमारे मुक़ाबले कुछ भी नहीं हैं। फिर भी, मेजोरिटी में होते हुए भी हमारे साथ ऐसा सलूक हो रहा है!

प्रधानमंत्री जी, आप तो मेजोरिटी के हिमायती हो, फिर हमारे साथ ऐसा अन्याय क्यूं होने दे रहे हो?

प्लीज़ कुछ करो! आपके ‘कुछ’ करने के इंतज़ार में – आपकी एक तुच्छ प्रशंसक!
🐃🐃🐃🐃🐃🐃

आइये मनाये सार्थक दीपावली

पटाखो कि दुकान से दूर हाथों मे,
कुछ सिक्के गिनते मैने उसे देखा...

एक गरीब बच्चे कि आखों मे,
मैने दिवाली को मरते देखा.

थी चाह उसे भी नए कपडे पहनने की...
पर उन्ही पूराने कपडो को मैने उसे साफ करते देखा.

हम करते है सदा अपने ग़मो कि नुमाईश...
उसे चूप-चाप ग़मो को पीते देखा.

जब मैने कहा, "बच्चे, क्या चहिये तुम्हे"?
तो उसे चुप-चाप मुस्कुरा कर "ना" मे सिर हिलाते देखा.

थी वह उम्र बहुत छोटी अभी...
पर उसके अंदर मैने ज़मीर को पलते देखा

रात को सारे शहर कि दीपो कि लौ मे...
मैने उसके हसते, मगर बेबस चेहरें को देखा.

हम तो जीन्दा है अभी शान से यहा.
पर उसे जीते जी शान से मरते देखा.

लोग कहते है, त्योहार होते है जिंदगी मे खूशीयो के लिए,
तो क्यो मैने उसे मन ही मन मे घूटते और तरस्ते देखा

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