Blockquote

Followers

22 June, 2014

जब तुम्हारी याद आती है ....... योगेश पाण्डेय


जब तुम्हारी याद आती है
, तस्वीरे मै देखता हूँ ।
जो तुम न मुस्कुराती हो
, तो बगीचे के फूल सुख जाते है ।
योगेश जब भी लिखता हूँ , शब्द कम पड़ जाते है ।
सुबह दोपहर शाम तक
, चर्चा तुम्हारी होती है ।
एक तरफा तो नहीं है ये
, हिचकिया मुझे भी आती है ।
शब्दो से क्या बया करू , ऐसा कोई शब्दकोश मे ही नहीं ।
तुम्हारी याद मे जब कलम चलती है, तो पन्ने ही कम पड़ जाते है ।
जब तुम्हारे साथ चलता हूँ , तो लोग जल कर रह जाते है ।
अगर तुम अकेले जाओ तो , मेरा मन बेचैन होता है ।
कभी चेहरा तो कभी ,  मुस्कान मै भी पढ़ता हूँ ।
शायद इसी विषय को लेकर , पी एच डी मै भी करता हूँ ।
बहुत बात होती है पर , न मुलाक़ात हो पाती है ।
यह मै कैसे लिखू कि , तुम्हारी ही इंतज़ार होती है ।
गीले शिकवे सब मीट जाते है , जब तुम साथ होती हो
जो तुम साथ न हो तो
, साँसे रुक सी जाती है ।
*******************
Yogesh Pandey

Loading...