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31 May, 2014

चीनी में भी मुस्लिम विखंडनवाद

भस्मासुर को संरक्षण दोगो, भस्मासुर पैदा करोगे तो उसका परिणाम भी तो भुगतोगे? कुएं दूसरे के लिए नहीं बल्कि अपने लिए खोदा जाता है। जिस पाकिस्तान आतंकवाद नाम के भस्मासुर को चीन ने संरक्षण दिया था-अप्रत्यक्ष समर्थन दिया था उसी आतंकवादी हिंसा से आज चीन खुद दग्ध है। इस्लामिक आतंकवाद आज चीन की राष्ट्रीय एकता पर प्रश्नचिन्ह खड़ा कर दिया है। चीन में भी कश्मीर-चैचन्या की तरह विखंडन-सहांरक आतंकवादी प्रक्रियाएं बेकसूर लोगों को लहूलुहान कर रही है। चीन को अगर इस्लामिक हिंसा और इस्लामिक विखंडन की प्रक्रिया से मुक्ति पानी है तो फिर उसे विश्व व्यापी इस्लामिक आतंकवाद के खिलाफ वैचारिक और अभियानी पथ पर चलना ही होगा, क्योंकि दुनिया भर के मुस्लिम आतंकवादी एक-दूसरे के पूरक हैं और सहयोगी भी है, सभी का लक्ष्य आतंकवादी हिंसा के बल पर दुनिया में इस्लाम का झंडा फहराना है और दुनिया में मुस्लिम मजहबी कानून लागू करवाना है।
दुनिया भर में जारी इस्लामिक आतंकवाद के मूल्यांकन पर यह तथ्य सामने आता है कि राजनीतिक-मजहबी विखंडनवाद की प्रक्रिया पहले शुरू होती है और उसके बाद आतंकवाद की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। कश्मीर से लेकर रूस के चैचन्या तक एक लंबी फेहरिस्त है जहां पर पहले राजनीतिक -मजहबी विखंडनवाद की प्रक्रिया शुरू हुई और उसके बाद आतंकवाद की प्रक्रिया शुरू हुई। चीन के शिनजियांग में पहले राजनीतिक-मजहबी विखंडनवाद की प्रक्रिया चल रही थी और अब शिनजिंयाग आतंकवाद से लहूलुहान हो चुका है। कई मुस्लिम आतंकवादी हिंसा की घटनाओं मे तीन सौ से ज्यादा लोग मारे गये हैं, कई सौ लोग घायल हो चुके हैं। मुस्लिम आतंकवादी हिंसा के दमन के लिए चीन को कड़े और प्रहारक सैनिक-पुलिस कार्रवाई का सहारा लेना पड़ा है। चीन का कहना है कि उसके यहां जो मुस्लिम हिंसा-आतंकवाद की जड़ है उसके लिए वैश्विक मुस्लिम आतंकवादी सरगनाएं और मजहबी संस्थाएं जिम्मेदार रही हैं। चीन ने खासतौर पर पूर्वी तुर्किस्तान इस्लामिक मुवमेंट, और तुर्किस्तान इस्लामिक पार्टी को जिम्मेदार मानता है। पाकिस्तान का तालिबान और अलकायदा की उपस्थिति भी शिनजियांग में है। पाकिस्तान के वजरिस्तान में पूर्वी तुर्किस्तान,इस्लामिक मुवमेंट और तुर्किस्तान इस्लामिक पार्टी के आतंकवादियों की टैनिंग सेंटर है। आतंकवादी शिनजिंयाग मे आतंकवाद का कहर बरपा कर पाकिस्तान में शरण ले लेते हैं, इस कारण चीन प्रहारक तौर पर मुस्लिम आतंकवादियों के खिलाफ अभियान नहीं चला पाता है। 2003 में पाकिस्तान सेना के अभियान में पूर्वी तुर्किस्तान इस्लामिक मुवमेंट के सरगना हसन माहसूम की मौत हुई थी। हसन माहसूम के संबंध में कहा जाता है कि वह अलकायदा सरगना ओसामा बिन लादेन का भी निकटवर्ती था। हसन माहसूद की मौत के बाद आतंकवादी संगठनों षिनजियांग को और अधिक निशाना बनाया है। आतंकवादी संगठनों की समझ है कि चीन के कहने पर पाकिस्तान की सेना ने पूर्वी तुर्कीस्तान इस्लामिक मुवमेंट के नेता हसन माहसूद को सैनिक अभियान में मार गिराया था। इसी कारण आतंकवादी संरगनाएं शिनजियांग में आतंकवादी हिंसा की आग झोंक रहे हैं।
शिनजियांग में तुर्की मूल की मुस्लिम आबादी की बहुलता है। जिस देश में भी मुस्लिम आबादी की थोड़ी-बहुत भी उंची संख्या हो गयी, उस देश में अलग मुस्लिम राष्ट्र की मांग ही नहीं बल्कि इस्लामिक शासन लागू करने की मांग यानी विखंडन की राजनीतिक मजहबी-प्रकिया शुरू हो जाती है और फिर आतंकवादी हिंसा भी चरम पर पहुंच जाती है। कश्मीर में मुस्लिम बहुलता के कारण अलग देश की मांग हो रही है और इस निमित आतंकवादी राजनीतिक-मजहबी, विखंडन की हिंसा जारी है। रूस के चैचन्या में मुस्लिम आबादी बहुमत मे है वहां पर भी अलग मुस्लिम देश और मजहबी कानून को लागू करने के लिए आतंकवाद जारी है। म्यांमार के सिर्फ एक क्षेत्र में मुस्लिम आबादी वह बहुलता में नहीं है फिर भी वहां पर मुस्लिम आतंकवाद जारी है और मुस्लिम आतंकवाद से म्यांमार की बौद्ध संस्कृति लहू लुहान है। फिलीपींस में मुस्लिम आतंकवाद की जड़ में मुस्लिम देश की मांग है। नाईजीरिया में कड़े इस्लामिक कानून की मांग को लेकर बोको हरम ने मानवता को शर्मसार करने वाली हिंसा का खेल-खेल रहा है। बोको हरम ने 500 से अधिक ईसाई बच्चियों का अपहरण कर लिया जिनकी आयु आठ वर्ष से लेकर 14 वर्ष की थी। अपहरित ईसाई बच्चियो को बोको हरम ने अरब के षेखों और अफ्रीका धनाढंय वर्ग के लोगों को बेच कर जेहाद के लिए पैसे जुटाये हैं। अपहरित लड़कियो का पता लगाने में अमेरिकी खोजी विमान अभी तक अभियान पर है। इसी तरह चीन के शिगजियांग में तुर्की मूल की मुस्लिम आबादी की बहुलता है। तुर्की मूल की मुस्लिम आबादी चीन से अलग होकर एक मुस्लिम राष्ट्र बनाने के लिए जेहाद कर रही हैं। शिनजियांग मे चीनी प्रतीको के सर्वनाश का भी जेहाद चला है। दो साल पूर्व शिनजियांग में मुस्लिम आबादी और चीन के समर्थकों के बीच में बड़ी हिंसा हुई थी, दंगे की आग मे शिनजियांग कई दिनों तक जला था। उस दंगे की आग को चीन ने सैनिक-पुलिस कार्रवाई कर बुझा दिया था।
चीन भस्मासुर है। चीन के सिर पर मुस्लिम आतंकवाद और मुस्लिम हिंसा का जो खेल जारी है उसके लिए चीन खुद जिम्मेदार है। चीन का सैनिक और कूटनीतिक साझेदार पाकिस्तान है। चीन ने ही पाकिस्तान को आणविक शक्ति बनाया है। भारत को दबा कर रखने की नीयत से चीन ने पाकिस्तान के मुस्लिम आतंकवाद पर न केवल मुंह मोड़ी थी बल्कि पाकिस्तान के तरफदारी भी की थी। जब भी भारत द्वारा पाकिस्तान पर आतंकवाद का कारखाना चलाने का आरोप लगाया जाता था या फिर विश्व समुदाय द्वारा पाकिस्तान पर कड़े कार्रवाई करने की मांग उठती थी तब चीन पाकिस्तान के संरक्षक के तौर पर खड़ा हो जाता था। उसकी समझ यह थी कि पाकिस्तान भारत और विष्व के अन्य क्षेत्रों में आतंकवाद का आउटसोर्सिंग जरूर कर सकता है पर उसके यहां पाकिस्तान आतंकवाद की आउटसोर्सिंग नहीं कर सकता है। चीन के सामने समस्या यह है कि आतंकवादी संगठन बेलगाम हैं, अनियंत्रित है, पाकिस्तान का नियंत्रण या फिर लगाम आतंकवादी संगठनों के उपर नहीं रहा। आतंकवादी खुद पाकिस्तान के लिए खतरा बने हुए है। हमें यह भी देखना होगा कि आतंकवादी संगठनों का लक्ष्य क्या है? आतंकवादी संगठनो का लक्ष्य दुनिया में आतंकवादी हिंसा के बल पर इस्लामिक राज्य की स्थापना और अन्य सभी धर्मो का नेस्तनाबुद करना है। ऐसी प्रक्रिया का हल भी सतही तौर पर नहीं हो सकता है। चीन को इन तथ्यों पर गौर करने की जरूरत है कि पाकिस्तान का राजनीतिक नेतृत्व हो सकता है कि आतंकवाद विरोधी हो पर पाकिस्तान की सेना और आईएसआई पूरी तरह से अभी भी आतंकवाद का खेल-खेल रही हैं। जब तक पाकिस्तान की सेना और आईएसआई का आतंकवादियों के नेटवर्किंग जारी रही तब तक चीन ही क्यों दुनिया के अंदर में आतंकवादी हिंसा कहर बरपाती रहेगी।
चीन अगर यह सोच रहा होगा कि वह शिनजिंयाग की मुस्लिम आबादी को थोड़ी बहुत राजनीतिक छुट और मजहबी अधिकार की छूट देकर वह मुस्लिम आतंकवादी हिंसा का समाधान कर लेगा तो यह उसकी खुषफहमी ही है। शिनजियांग की मुस्लिम आबादी को चीन ने कई सुविधाएं भी उपलब्ध करायी है, मजहबी अधिकारों की छूट दी है। एक नहीं बल्कि दो बच्चे पैदा करने की भी छूट दी है। मुस्लिम आबादी को छोटकर अन्य चीनी नागरिक सिर्फ एक ही बच्चे पैदा कर सकते हैं। अन्य चीनी नागरिक धर्म को मानने के अधिकार नहीं रखते हैं, अन्य चीनी नागरिकों को अपने धर्म प्रतीको की पूजा करने का अधिकार नहीं है। पर मुस्लिम आबादी मस्जिद जाकर नमाज पढ़ सकती हैं। सार्वजनिक तौर पर भी मुस्लिम आबादी अपने मजहबी त्यौहार मना सकती हैं। इन सभी राजनीतिक और मजहबी अधिकारों की छूट के बावजूद भी शिनजियांग में मुस्लिम अलगाव और मुस्लिम विखंडन की प्रकिया क्यों नहीं रूक रही है? इस पर चीन को विचार करने की जरूरत है।
सिर्फ सार्वजनिक सजा की सुनवायी करके दंड देने मात्र से मुस्लिम आतंकवाद या मुस्लिम विखंडन की प्रक्रिया बंद नहीं होगी। विष्वव्यापी मुस्लिम आतंकवाद के खिलाफ स्वार्थपरख कूटनीति जब तक जारी रहेगी तब तक मुस्लिम आतंकवाद और मुस्लिम विखंडन की प्रक्रिया जारी रहेगी। चीन को इस तथ्य को समझना होगा? 
विष्णुगुप्त

30 May, 2014

हमारी सरकार - केंद्रीय मंत्रिपरिषद के विभाग


केंद्रीय मंत्रिपरिषद के विभाग
प्रधान मंत्री
श्री नरेन्द्र मोदी
कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन 
परमाणु ऊर्जा विभाग
अंतरिक्ष विभाग
सभी महत्वपूर्ण नीतिगत मुद्दे तथा 
किसी अन्य मंत्री को आवंटित न किए गए
अन्य सभी मंत्रालय


कैबिनेट मंत्री
1
श्री राजनाथ सिंह
गृह
2
श्रीमती सुषमा स्वराज
विदेश
प्रवासी भारतीय मामले
3
श्री अरुण जेटली
वित्त
कारपोरेट मामले 
रक्षा
4
श्री एम. वैंकैय्या नायडू
शहरी विकास 
आवास एवं शहरी गरीबी उन्मूलन 
संसदीय कार्य
5
श्री नितिन जयराम गडकरी
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग
जहाजरानी
6
श्री डी.वी. सदानंद गौड़ा
रेल
7
सुश्री उमा भारती
जल संसाधन, नदी विकास तथा गंगा पुनरूद्धार
8
डॉ. नजमा ए. हेपतुल्ला
अल्पसंख्यक मामले
9
श्री गोपीनाथ मुण्डे
ग्रामीण विकास
पंचायती राज
पेयजल एवं स्वच्छता
10
श्री राम विलास पासवान
उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण
11
श्री कलराज मिश्र
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम
12
श्रीमती मेनका संजय गांधी
महिला एवं बाल विकास
13
श्री अनंत कुमार
रसायन एवं उर्वरक
14
श्री रविशंकर प्रसाद
संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी 
कानून एवं न्याय
15
श्री अशोक गजपति राजू पुसपति
नागरिक उड्डयन
16
श्री अनंत गीते
भारी उद्योग एवं लोक उद्यम
17
श्रीमती हरसिमरत कौर बादल
खाद्य प्रसंस्करण उद्योग
18
श्री नरेन्द्र सिंह तोमर
खान
इस्पात
श्रम एवं रोजगार
19
श्री जुएल उरांव
जनजातीय मामले
20
श्री राधा मोहन सिंह
कृषि
21
श्री थावरचन्द गेहलोत
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता
22
श्रीमती स्मृति जुबिन ईरानी
मानव संसाधन विकास
23
डॉ. हर्ष वर्धन
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण

राज्य मंत्री
1
जनरल वी के सिंह
पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास (स्वतंत्र प्रभार)
विदेश 
प्रवासी भारतीय मामले
2
श्री इन्द्रजीत सिंह राव
योजना (स्वतंत्र प्रभार)
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन (स्वतंत्र प्रभार)
रक्षा
3
श्री संतोष गंगवार
वस्त्र (स्वतंत्र प्रभार)
संसदीय कार्य
जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा पुनरूद्धार
4
श्री श्रीपद यसो नायक
संस्कृति (स्वतंत्र प्रभार)
पर्यटन (स्वतंत्र प्रभार)
5
श्री धर्मेन्द्र प्रधान
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस (स्वतंत्र प्रभार)
6
श्री सर्बानन्द सोनवाल
कौशल विकास, उद्यमिता, युवा मामले तथा खेल (स्वतंत्र प्रभार)
7
श्री प्रकाश जावड़ेकर
सूचना एवं प्रसारण (स्वतंत्र प्रभार)
पर्यावरण, वन तथा जलवायु परिवर्तन (स्वतंत्र प्रभार)
संसदीय कार्य
8
श्री पीयूष गोयल
विद्युत (स्वतंत्र प्रभार)
कोयला (स्वतंत्र प्रभार)
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा (स्वतंत्र प्रभार)
9
डॉ. जितेन्द्र सिंह
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (स्वतंत्र प्रभार)
पृथ्वी-विज्ञान (स्वतंत्र प्रभार)
प्रधान मंत्री कार्यालय
कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन
परमाणु ऊर्जा विभाग
अंतरिक्ष विभाग
10
श्रीमती निर्मला सीतारमण
वाणिज्य एवं उद्योग (स्वतंत्र प्रभार)
वित्त 
कारपोरेट मामले
11
श्री जी.एम. सिद्धेश्वर
नागरिक उड्डयन
12
श्री मनोज सिन्हा
रेल
13
श्री निहालचन्द
रसायन एवं उर्वरक
14
श्री उपेन्द्र कुशवाहा
ग्रामीण विकास
पंचायती राज
पेयजल एवं स्वच्छता
15
श्री राधाकृष्णन पी.
भारी उद्योग एवं लोक उद्यम
16
श्री किरण रिजीजू
गृह
17
श्री कृष्ण पाल
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग
जहाजरानी
18
डॉ. संजीव कुमार बालियान
कृषि
खाद्य प्रसंस्करण उद्योग
19
श्री मनसुखभाई धनजीभाई वसावा
जनजातीय मामले
20
श्री रावसाहेब दादाराव दानवे
उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण
21
श्री विष्णु देव साय
खान
इस्पात
श्रम एवं रोजगार
22
श्री सुदर्शन भगत
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता



प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एनडीए की पहली कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करते हुए

 

(Photo from http://www.pmindia.nic.in/)


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27 May, 2014

कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता है (डॉ कुमार विश्वास – Dr Kumar Vishwas)


कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता है
मगर धरती की बेचैनी को, बस बादल समझता है
मैं तुझसे दूर कैसा हूँ , तू मुझसे दूर कैसी है
ये तेरा दिल समझता है, या मेरा दिल समझता है
मोहब्बत एक एहसासो की, पावन सी कहानी है
कभी कबीरा दीवाना था, कभी मीरा दीवानी है
यहाँ सब लोग कहते है, मेरी आँखों में आंसू है
जो तू समझे तो मोती है, जो ना समझे तो पानी है
समंदर पीर के अंदर है, लेकिन रो नहीं सकता
ये आंसू प्यार का मोती है , इसको खो नहीं सकता
मेरी चाहत को दुल्हन तू, बना लेना मगर सुनले
जो मेरा हो नहीं पाया, वो तेरा हो नहीं सकता
भ्रमर कोई कुमुदनी पर, मचल बैठा तो हंगामा
हमारे दिल में कोई ख्वाब पल बैठा तो हंगामा
अभी तक डूब कर सुनते थे, सब किस्सा मोहब्बत का
हम किस्से को, हकीक़त में, बदल बैठे तो हंगामा
तुम्हारे पास हूँ लेकिन, जो दूरी है समझता हूँ
तुम्हारे बिन मेरी हस्ती , अधूरी है समझता हूँ
तुम्हे मै भूल जाऊँगा, ये मुमकिन है नही लेकिन
तुम्ही को भूलना सबसे ज़रूरी है समझता हूँ
मैं जब भी तेज चलता हूँ ,नज़ारे छूट जाते हैं
कोई जब रूप धरता हूँ , तो साँसे टूट जाती है
मैं रोता हूँ तो आकार लोग कन्धा थपथपाते हैं
मैं हँसता हूँ तो अक्सर लोग मुझसे रूठ जाते हैं
बहुत टुटा बहुत बिखरा, थपेड़े सह नहीं पाया
हवाओं के इशारो पर मगर में बह नहीं पाया
अधुरा अनसुना ही रह गया, ये प्यार का किस्सा
कभी में कह नहीं पाया कभी तुम सुन नहीं पाई
-
डॉ कुमार विश्वास


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26 May, 2014

प्रधानमंत्री- श्री नरेन्द्र दामोदर दास मोदी


भारत की महान परम्पराओं एवं संस्कारों का पालन करने करने वाले नेता "श्री नरेन्द्र दामोदर दास मोदी जी" को देश के "प्रधानमंत्री" बनने पर बहुत बहुत बधाईया !! - VMW Team





23 May, 2014

भाइयो तुम्हारी याद आती है

दुनिया की हर ख़ुशी मेरे पास बहुत हैं.
आज फिर भी मेरा दिल उदास बहुत हैं.
कुछ भी कर लु अकेलापन जाता नहीं
जबकि मेरे आसपास मेरे खास बहुत हैं




भाइयो तुम्हारी याद आती है
हर पल याद सताती है
जो बिताये कुछ दिन मई के महीने में
बस वही बात याद आती है
भाइयो तुम्हारी याद..........

3 मई से मिलना शुरु किया
१५ मई से बिछड़ना शुरू किया
इस बीच क्या – क्या बात हुई
यही बात सताती है
 भाइयो तुम्हारी याद..........

ऑफिस का केबिन हो
या कोचिंग की क्लास
घर का कमरा हो
या बाहर का बागवान
हर जगह तुम्हारी याद सताती है
भाइयो तुम्हारी याद..........

वो आम के बगीचे की
वो खेत और खलिहान की
दोपहर में छत की
हर बात सताती है
भाइयो तुम्हारी याद..........

निल्को की कलम भी कह रही
आँखे भी परिभाषा गढ़ रही
कब मुलाकात वापिस होगी
यही बात सताती है
भाइयो तुम्हारी याद..........
  
मधुलेश पाण्डेय ‘निल्को’











तेरी यादों के सल्तनत पे कोई जोर नहीं मेरा
गुजरे लम्हों के हर तह में इतिहास बहुत हैं


तेरी यादों के सल्तनत पे कोई जोर नहीं मेरा
गुजरे लम्हों के हर तह में इतिहास बहुत हैं.

बहुत आसाँ है रो देना, बहुत मुश्किल हँसाना है
कोई बिन बात हँस दे-लोग कहते हैं "दिवाना है"

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