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28 March, 2014

मैं देश नहीं मिटने दूंगा, मैं देश नहीं झुकने दूंगा!


नरेंद्र मोदी की आवाज में भाजपा का चुनावी गीत ‘मैं देश नहीं झुकने दूंगा’ अब देश भर में गूंजने के लिए तैयार है। ‘इस चुनावी गीत की शुरूआती लाइनें मोदी ने गाई हैं। बता दें, मैं देश नहीं झुकने दूंगा चुनावी गीत के बोल लिखे हैं जाने-माने गीतकार प्रसून जोशी ने, बॉलीवुड के गायक सुखविंदर ने आवाज दी है व संगीत तैयार किया है संगीतकार आदेश श्रीवास्तव ने।

गीत के हर पैरे की पहली लाइन मोदी की आवाज में होगी जबकि इसके बाद की पक्तियां सुखविंदर की आवाज में होंगी. उन्होंने कहा कि इस गीत का आडियो रेडियो पर रैलियों के दौरान तथा चुनाव क्षेत्रों में वाहनों पर लगाकर बजाया जायेगा. वीडियो रूप में इस गीत को चार हिस्सों में विभाजित किया गया है और इन अंशों को टेलीविजन पर विज्ञापन के रूप में दिखाया जायेगा. वीडियो में मोदी को हर पैरे की पहली लाइन बोलते हुए दिखाया गया है.  गीत इस तरह हैं -


सौगंध मुझे इस मिट्टी की



मैं देश नहीं मिटने दूंगा
मैं देश नहीं मिटने दूंगा
मैं देश नहीं झुकने दूंगा

मेरी धरती मुझ से पूछ रही
कब मेरा क़र्ज़ चुकाओगे
मेरा अम्बर मुझ से पूछ रहा
कब अपना धर्म निभाओगे
मैंने वचन दिया भारत मां को
तेरा शीश नहीं झुकने दूंगा
सौगंध मुझे इस मिट्टी की
मैं देश नहीं मिटने दूंगा
मैं देश नहीं झुकने दूंगा

वो लूट रहे हैं सपनो को
मैं चैन से कैसे सो जाऊं
वो बेच रहे हैं भारत को
खामोश मैं कैसे हो जाऊं
हाँ मैंने कसम उठाई है
हाँ मैंने कसम उठाई है

मैं देश नहीं बिकने दूंगा
सौगंध मुझे इस मिट्टी की
मैं देश नहीं मिटने दूंगा
मैं देश नहीं मिटने दूंगा
मैं देश नहीं झुकने दूंगा

वो जितने अँधेरे लायेंगे
मैं उतने उजाले लाऊँगा
वो जितनी रात बढाएंगे
मैं उतने सूरज उगाऊँगा
इस छल फरेब की आंधी में
मैं दीप नहीं बुझने दूंगा
सौगंध मुझे इस मिट्टी की
मैं देश नहीं मिटने दूंगा
मैं देश नहीं मिटने दूंगा
मैं देश नहीं झुकने दूंगा

वो चाहते हैं जागे न कोई
बस रात का कारोबार चले
वो नशा बांटते जायें
और देश यूँही बीमार चले
पर जाग रहा है देश मेरा
पर जाग रहा है देश मेरा

हर भारतवासी जीतेगा
मैं देश नहीं रुकने दूंगा
सौगंध मुझे इस मिट्टी की
मैं देश नहीं मिटने दूंगा
मैं देश नहीं मिटने दूंगा
मैं देश नहीं झुकने दूंगा

(अतरिक्त)

अब घड़ी फैसले की आयी
हमने है कसम अब खाई
हमें फिरसे दोहराना है
और खुद को याद दिलाना है
न भटकेंगे न अटकेंगे
कुछ भी हो इस बार
हम देश नहीं मिटने देंगे

माओं बहनों किस्मत पर
गिद्ध नज़र लगाये बैठे हैं
हर इन्सान है यहाँ डरा डरा
दिल में खौफ़ जमाये बैठे हैं
मैं अपने देश की धरती पर
अब दर्द नहीं उगने दूंगा
मैं देश नहीं मिटने दूंगा
मैं देश नहीं मिटने दूंगा
मैं देश नहीं झुकने दूंगा



प्रस्तुति : मधुलेश पाण्डेय निल्को 
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