Blockquote

Followers

24 January, 2013

गणतंत्र दिवस के अवसर पर समस्त देशवासियों को ढेर सारी शुभकामनाएं !

समस्त देशवासियों को गणतंत्र दिवस की ढेर सारी शुभकामनाएं। गणतंत्र दिवस के मौके पर हमें देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने और भारत को विश्व का सिरमौर बनाने का संकल्प लेना चाहिए।
देश के 64वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर सभी पाठकों को हार्दिक शुभकामनाएं।
देश की तरक्की के लिए हम लगातार अपना श्रेष्ठ दें, यही कामना।
जय हिन्‍द जय हिन्‍द की सेना

आप मेरे ब्लाग पर पधारें व अपने अमूल्य सुझावों से मेरा मार्गदर्शऩ व उत्साहवर्द्धऩ करें,
 और ब्लॉग पसंद आवे तो कृपया उसे अपना समर्थन भी अवश्य प्रदान करें!
 धन्यवाद .........! 
आपकी प्रतीक्षा में ....

 VMW Team

 The Team With Valuable Multipurpose Work

 vmwteam@live.com 
 +91-9044412226;
+91-9044412223 
+91-9024589902;
+91-9261545777

23 January, 2013

Congres's Shivir in Jaipur



fpUru f’kfoj budh vkSj--------------

lquk gS vkt 'kgj esa
dkaxzls dk fpUru f’kfoj gS!
fpUru budh vkSj fpUrka, gekjh c<+h gS!
bu usrkvksa ds pDdj esa]
xkM+h gekjh tke esa [kM+h gS!
gksVy esa os ysVs gS!
vkSj i;ZVd jksM ij gS!
gkykr ,sls gS fd----
Lokxr esa izÑfr us Hkh
vksys ,oa ckfj’k ls vfHkuUnu dh gS!
xj turk ds chp esa vk,
rks 'kk;n blls vPNk gks--------
yksxksa us Lokxr es iksLVj ij dkfyd iksrh gS]
bu lc ckrksa ls fpUru de
fpUrk T;knk c<+h gS!
lekt dh fpUrk de
pquko dh fpUrk T;knk gS!
vHkh&vHkh xqtjkr ls gkj ds ykSVs gS!
vc jktLFkku dh ckjh gS!
dbZ izns’kksa esa fudy jgh budh gok lkjh gS!
fpUru esa lHkh feydj <+wa<saxs budh nok
vkSj vkxs D;k gksxk] fdldks D;k irk--
dgus dh ^fuYdks* dh ;gh gS viuh vnk!
 ,e-ds-ik.Ms; ^fuYdks*
gj[kkSyh] ykj jksM] lyseiqj] nsofj;k ¼m-iz-½

आप मेरे ब्लाग पर पधारें व अपने अमूल्य सुझावों से मेरा मार्गदर्शऩ व उत्साहवर्द्धऩ करें,
 और ब्लॉग पसंद आवे तो कृपया उसे अपना समर्थन भी अवश्य प्रदान करें! 
धन्यवाद .........! 
आपकी प्रतीक्षा में .... 
VMW Team 
The Team With Valuable Multipurpose Work
 vmwteam@live.com 
+91-9044412226;+91-9044412223 
+91-9024589902;+91-9261545777

12 January, 2013

स्वामी विवेकानन्द

संपूर्ण विश्व में शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति मिलेगा, जिसने स्वामी विवेकानन्द का नाम नहीं सुना हो। आधुनिक भारत में युवा पुरुष के रूप में जिनका उल्लेख किया जाता है, वे स्वामी विवेकानन्द वेदांत और पाश्चात्य शिक्षा दोनों को साथ रखकर शिक्षा को आगे की ओर लाना चाहते थे। शिक्षा के प्रति वैज्ञानिक दृष्टिकोण उनका था। स्वामी विवेकानन्द का लक्ष्य समाज सेवा, जनशिक्षा, धार्मिक पुनरूत्थान और शिक्षा के द्वारा जागरुकता लाना, मानव की सेवा आदि था। शिक्षा से अगर सामाजिक परिवर्तन आता है, तो स्वामी जी के शिक्षा संबंधी चिंतन अत्यंत मौलिक हैं। विश्व कवि रवीन्द्र नाथ टैगोर का कहना था- 'भारत को समझना है तो उसे स्वामी विवेकानन्द का जीवन दर्शन समझना होगा।' स्वामी विवेकानन्द के शैक्षिक चिंतन में शुद्धता और शक्ति को आत्मसात करना है। अपने शैक्षिक चिंतन के आधार पर भारतीय संस्कृति की ख्याति यूरोप और अमेरिका में फैलाने में वे सफल हुए थे। स्वामी विवेकानन्द के शैक्षिक विचारों में उत्तम कोटि की बौद्धिकता और विजय की गहनता यत्र-तत्र अमूल्य हीरों की तरह उपलब्ध है।
भारत एक बहुधार्मिकता और धर्म का देश है। इसमें प्रत्येक धर्म का ग्रंथ, आचार-विचार और नियम अलग-अलग हैं, किंतु स्वामी विवेकानन्द जी ने उन सबके एक तत्त्व को जानकर उसका शिक्षा में समावेश किया है। वे सभी धर्म को समान मानते थे। स्वामी जी की शिक्षा से संबंधी परिभाषा- 'शिक्षा मनुष्य की अंतर्निहित पूर्णता की अभिव्यक्ति है।' स्वामी जी के अनुसार "सारी शिक्षा और समस्त प्रशिक्षण का एकमात्र उद्देश्य मनुष्य का निर्माण होना चाहिए।" लेकिन वर्तमान में अत्याधुनिकता और पाश्चात्य प्रभाव के कारण शिक्षा केवल बहिरंग पर पानी चढ़ाने का सदा प्रयत्न कर रही है। उनके शैक्षिक चिंतन को निम्न लिखित बिंदुओं से स्पष्ट किया जा सकता है-
  1. शिक्षा द्वारा मनुष्य में मानव प्रेम, समाज सेवा, विश्व चेतना और विश्व बंधुत्व के गुणों का विकास करना है।
  2. शिक्षा का उद्देश्य आंतरिक एकता के बाह्य जगत में प्रकट करना, ताकि वह खुद को भली भांति समझे।
  3. शिक्षा का मुख्य उद्देश्य मनुष्य का शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक, धार्मिक, नैतिक, चारित्रिक, सामाजिक व्यावसायिक विकास करना है।
  4. शिक्षा द्वारा मानव में देश भक्ति जाग्रत करना।
  5. शिक्षा से मानव की वैचारिक मुक्तता करना।
  6. शिक्षा के द्वारा आत्मविश्वास, आत्मश्रृद्धा, आत्मत्याग, आत्मनियंत्रण, आत्मनिर्भरता, आत्मज्ञान जैसे आलौकिक सदगुणों का विकास करना।
  7. शिक्षा के द्वारा मानव के ज्ञान चक्षुओं को खोलना।
  8. राष्ट्र, गुरु शुद्ध आदर्श के प्रति श्रद्धा और चेतना को जागृत करना।
उपर्युक्त उद्देश्यों के अतिरिक्त स्वामी जी शिक्षा का अर्थ स्पष्ट करते हुए कहते हैं कि जिस शिक्षा से हम अपना जीवन निर्माण कर सकें, चरित्र गठन कर सकें और विचारों का सामंजस्य कर सकें, वही वास्तव में शिक्षित कहलाने योग्य है।
स्वामी जी विवेकानन्द का शैक्षिक चिंतन अत्यंत व्यापक स्वरूप है, जैसे वे धार्मिक या भारतीय शिक्षा और पाश्चात्य शिक्षा दोनों का समन्वय करना चाहते थे। स्वामी विवेकानन्द ने धर्म की शिक्षा, नारी शिक्षा, जन शिक्षा के संबंध में शिक्षा पर बल दिया है। स्वामी जी शिक्षा को व्यावसायमूलक जीवन मूल्यों से परिपूर्ण विचारोत्तेजक और मानव निर्मित दिशा देने के पक्ष में थे। सामाजिक निरंकुशता और अंध विश्वास का नाश करना, शिक्षा का प्रथम कर्तव्य है। विद्यार्थियों के विकास के लिए कला, विज्ञान, साहित्य और संस्कृति के लिए अवसर प्रदान करना। उनका कहना था कि भारत में शिक्षा के प्रसार के फलस्वरूप समाज शास्त्रीय अर्थपूर्ण सामाजिक गतिशीलता नहीं आ पाई है। वह भारतीय समाज का पूरी तरह सुधार चाहते थे। उन्होंने ऐसे भारत की कल्पना की, जो परंपरागत अंध विश्वास, पाखंड, अकर्मण्यता, जड़ता और आधुनिक सनक और कमजोरियों से स्वतंत्र होकर आगे बढ़ सके। उनके अनुसार भारतीय समाज का विकास आंशिक वर्गगत और आंचलिक रूप से संभव नहीं। स्वामी विवेकानन्द ने भौतिकवादी पाश्चात्य समाज में आध्यात्मिक योग और वेदांत की शिक्षा का प्रभाव डाला। वे उन भारतीय चिंतकों में से हैं, जिन्होंने भारतीय इतिहास की समाज शास्त्रीय और यथार्थवादी परिभाषा की। वह कहते थे कि आधुनिकीकरण की होड़ का आधार भी भारतीय संस्कृति होना चाहिए।
स्वामी जी के शिक्षा संबंधी विचारों का भारतीय सामाजिक और आर्थिक जीवन पर प्रभाव पड़ा। उनके विचारों को आधार बनाकर ज्ञान की शिक्षा पद्धति में सुधार लाना संभव है। उनका यह उपदेश देशवासियों के लिए यथार्थवादी, उद्देश्यपूर्ण और शाश्वत है।

आप मेरे ब्लाग पर पधारें व अपने अमूल्य सुझावों से मेरा मार्गदर्शऩ व उत्साहवर्द्धऩ करें, और ब्लॉग पसंद आवे तो कृपया उसे अपना समर्थन भी अवश्य प्रदान करें! 
धन्यवाद .........! आपकी प्रतीक्षा में ....
 VMW Team
 The Team With Valuable Multipurpose Work 
vmwteam@live.com 
+91-9044412226;+91-9044412223 
+91-9024589902;+91-9261545777

दूसरों को बिगाड़ने की लिये, अनेकों मिल जायेंगे,

भारत के महान संत स्वामी विवेकानंद की आज जन्मतिथि है

भारत के महान संत स्वामी विवेकानंद की आज जन्मतिथि है. दुनियां भर के युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत रहे स्वामी विवेकानंद आज भी बहुत से लोगों के आदर्श हैं. उनके जन्मदिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करें.
 अच्छा लगने पर ब्लॉग समर्थक बनकर मेरा उत्साहवर्द्धन एवं मार्गदर्शन करें |
 vmwteam@live.com 
+91-9024589902 
+91-9044412246
Loading...