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02 January, 2012

यह नोट बेहद महंगा पड़ता है


भारत सरकार देश की मुद्रा छापने पर भारी रकम खर्च करती है और यह खर्च बढ़ता ही जा रहा है। महंगाई और कागज के बढ़ते दामों से इसकी लागत और बढ़ रही है। रिजर्व बैंक की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक 5 रुपए का एक नोट छापने पर भारत सरकार को 48 पैसे की लागत आती है। इसलिए यह नोट बेहद महंगा पड़ता है। एक रुपया और दो रुपए के नोट बंद कर देने के पीछे यही कारण रहा है। मुद्रास्फीति बढ़ने से सरकार को पहले से कहीं ज्यादा खर्च करना पड़ता है और नोट भी कहीं ज्यादा छापने पड़ते हैं। नोटों की छपाई पर सरकार को कहीं ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है। 1,000 रुपए के नोट पर सरकार को 3.17 रुपए का खर्च आता है। पिछले साल सरकार को 2,376 करोड़ रुपए सिर्फ नोट छापने पर ही खर्च करने प़ड़े।
सरकार नोटों की छपाई पर खर्च घटाने के लिए कई तरह के प्रयास कर रही है। इसमें प्लास्टिक के नोट छापने जैसे कदम भी हैं जिनका जीवन काल कहीं ज्यादा होता है।
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