Blockquote

Followers

30 January, 2012

भगवद्ग गीता

पंडित नगनारायण पाठक
रूस में किसी संगठन ने भगवद्ग गीता  को प्रतिबंधित करने के लिए मुकदमा दायर किया, तो अपने देश में भी कई हलकों से विरोध के स्वर सुनाई पड़े। पर अजीब बात है कि जब भारत में ही अदालत जाकर गीता पढ़ाना बंद करने की मांग होती है, तो ऐसा प्रतिवाद नहीं दिखता! जब रूस में मुकदमा हुआ, लगभग उसी समय कर्नाटक के स्कूलों में गीता पढ़ाने को ‘असांविधानिक’ कहकर न्यायालय में चुनौती दी गई थी। कर्नाटक में गीता पढ़ाने का कार्यक्रम सरकारी नहीं था, न उसमें सरकारी धन लगने वाला था। वह एक प्रतिष्ठित मठ का प्रयास था, ताकि छात्रों को नैतिक शिक्षा मिले। सरकार ने केवल स्कूलों को इसके लिए सप्ताह में एक घंटा समय देने भर का निर्देश दिया था। इसी को न्यायालय से रोकने का आग्रह हुआ।

गीता के विरुद्ध न्यायालय जाने वाले संगठनों के अध्यक्ष की दलील थी, ‘तब तो कल कोई कुरान और बाइबिल भी पढ़ाना चाहेगा। यदि स्कूलों में मजहबी किताबें पढ़ाई जाने लगेंगी, तो विद्यार्थियों का क्या होगा?’ इस तर्क में दोहरी गलती थी। पहला यह कि गीता मजहबी पुस्तक नहीं है। और दूसरा यह कि जिनके प्रतिनिधि न्यायालय गए, उन्हीं अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों में कुरान, हदीस पढ़ाए जा रहे हैं। उन संस्थाओं को न केवल अनुदान मिलता है, बल्कि उनके प्रमाणपत्रों को सामान्य शिक्षा संस्थानों के समकक्ष भी मान्यता दी जा रही है। फिर, विभिन्न ईसाई मिशनरी संगठनों द्वारा चलाए जा रहे स्कूलों में बाइबिल भी पढ़नी जरूरी होती है। कई जगहों पर छात्रों को उसकी परीक्षा भी देनी होती है।
रूस वाले प्रसंग पर आपत्ति करने वालों को कभी अपने देश के इस दुर्भाग्यपूर्ण दृश्य पर भी मुंह खोलना चाहिए। यहां गीता को शिक्षा से बाहर रखना एक सचेत जबर्दस्ती है। गैर-हिंदू मजहबी शिक्षण को प्रत्यक्ष और परोक्ष, दोनों रूपों में आधिकारिक सहयोग और प्रोत्साहन तक दिया जाता रहा है, जबकि भारतीय ज्ञान-परंपरा की हर चीज से हिंदुओं समेत सबको वंचित रखने की जिद ठानी गई है। यह निर्विवाद है कि गीता कोई धार्मिक पुस्तक नहीं है। कई अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त प्रबंधन संस्थानों में इसका अध्ययन पाठ सामग्री में शामिल है, ताकि काम को ठीक ढंग से करने की प्रेरणा, चरित्र और बुद्धि मिल सके। अल्बर्ट श्वाइतजर, अल्डस हक्सलेस, हेनरी थोरो, टॉल्सटॉय जैसे विश्व की अनेकानेक महान शख्सियतों ने इस पुस्तक को दुनिया का यथार्थ समझने के लिए अनमोल रचना माना है। लिहाजा इसका विरोध ही एक घातक सांप्रदायिक दृष्टि है।
विडंबना है कि स्वतंत्र भारत में वेद, उपनिषद्, रामायण, महाभारत आदि कालजयी ग्रंथों को न ज्ञान-भंडार का सम्मान मिला, न धर्म-पुस्तक का। हाल ही में दिल्ली विश्वविद्यालय में रामायण को जिस कुत्सित रूप में पढ़ाने की चेष्टा हो रही है, वह इसका लाक्षणिक उदाहरण है। केवल भर्त्सना करने, खिल्ली उड़ाने के लिए ही ‘मेनी रामायन्स’ और ‘३०० रामायण’ जैसे पाठ विषय वस्तु में डाले जाते हैं। किंतु जब गीता या रामायण को सहजता से पढ़ने-पढ़ाने का प्रस्ताव हो, तब उन्हें ‘रिलीजियस’ कहकर विद्यार्थियों को दूर रखने का प्रयत्न होता है। इस दोहरेपन को क्या कहें?
अपने देश में हो रहे इस दोहरे अन्याय को ईसाइयत के उदाहरण से भी समझा जा सकता है, जैसा द विंची कोड, एंजेल्स ऐंड डीमंस आदि पुस्तकों, फिल्मों से भी स्पष्ट है। पश्चिमी समाज बाइबिल और चर्च की कथाओं, भूमिकाओं की आलोचनात्मक व्याख्या करता है और सहता है। किंतु साथ ही ईसाइयत का पूरा चिंतन, चर्च और वेटिकन के विचार, भाषण, प्रस्ताव, आदि यूरोप की शिक्षा प्रणाली का अभिन्न अंग हैं। वहां ईसाइयत संबंधी शिक्षा-विषय उसी तरह स्थापित हैं, जैसे भौतिकी, रसायन, अर्थशास्त्र आदि विषय। अतः यदि यूरोपीय जगत ईसा और ईसाइयत की कथाओं, ग्रंथों की आलोचनात्मक व्याख्या करता है, तो उससे पहले उसके संपूर्ण अध्ययन को एक सहज विषय के रूप में मुख्य शिक्षा-प्रणाली में सम्मानित आसन भी देता है, लेकिन अपने देश में ऐसा नहीं है। आलम यह है कि हिंदू ग्रंथों को उपेक्षित करने के लिए ही इसे जब चाहे धर्म-पुस्तक मानकर बहिष्कृत किया जाता है, अथवा सामान्य साहित्य मानकर जैसे-तैसे चीरा-फाड़ा जाता है। यह दोहरापन हर हाल में बंद होना चाहिए।

***********************
पंडित नगनारायण पाठक
संजाव, देवरिया
अच्छा लगने पर ब्लॉग समर्थक बनकर मेरा उत्साहवर्द्धन एवं मार्गदर्शन करें |
vmwteam@live.com 
+91-9024589902:
+91-9044412246,27,12

गैजेट व‌र्ल्ड में कई नए धमाके होने वाले हैं

जीवन सिंह
इस साल में गैजेट व‌र्ल्ड में कई नए धमाके होने वाले हैं। 2012 में आईफोन 5 और आइपैड 3 केअलावा स्कैनिंग माउस, सुपर पावर टेबलेट, 2 इन 1 टेबलेट और टच स्क्रीन नोटबुक तो लॉन्च होंगी ही, रिमोट के बजाय आवाज से चलने वाले टीवी और फ्लेक्सिबल स्क्रीन वाले फोन भी बाजार पर छा जाएंगे, जिन्हें मोड कर जेब में रखा जा सकेगा। इस बारे में VMW Team के जीवन सिंह जी की एक रिपोर्ट... 

डेल पीजू टेबलेट

साल 2012 में कंज्यूमर को अभी तक की सबसे पावरफुल डिवाइस देखने को मिलेगी। उम्मीद जताई जा रही है कि कंप्यूटर प्रॉडक्ट्स बनाने वाली कंपनी डेल अभी तक की सबसे पावरफुल टेबलेट डिवाइस बाजार में लॉन्च करेगी। इसमें इंटेल कोर आई 5 प्रोसेसर, 4 जीबी रैम, फुल एचडी डिस्प्ले रिजॉल्यूशन, 5500 एमएएच की सुपर बैटरी, 5 मेगापिक्सल बैक और 1.3 मेगापिक्सल फ्रंट कैमरा और 64 या 120 जीबी की इंटर्नल मेमोरी होगी। यह डिवाइस लेटेस्ट विंडोज 8 को सपोर्ट करेगा।

एपल आइपैड 3

इस साल भी एपल इतिहास दोहराएगा। जहां पिछले साल लोगों में आइपैड 2 की धूम थी, वहीं 2012 में बिजनेस क्लास के हाथ में आइपैड 3 दिखेगा। नया आइपैड पुराने वर्जन से स्लीक होगा। इसके फीचर्स भी एडवांस्ड होंगे। उम्मीद है कि नए आइपैड में ए 5 क्वॉड कोर एआरएम कोर्टेक्स प्रोसेसर, 960 X 640 रिजॉल्यूशन वाली रेटिना डिस्प्ले वाली एचडी स्क्रीन, चिप्स, एलईडी फ्लैश सपोर्ट कैमरा और एक्सपेंडेबल मेमोरी के लिए एसडी कार्ड स्लॉट जैसे डिमांडेबल ऑप्शंस भी होंगे।

अमेजन स्मार्ट फोन

ई-बुक रीडर किंडल के बाद रिटेल जॉइंट अमेजन.कॉम साल 2012 में एक और नया धमाका करने वाला है। अमेजन जल्द ही एपल को चुनौती देने के लिए नया स्मार्ट फोन अमेजन ब्लेज लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है। अमेजन के मुताबिक ब्लेज में 1.2 गीगाहर्ट्ज वाला डुअल कोर क्वॉलकम प्रोसेसर, 2.3 एंड्रॉयड जिंजरब्रेड ओएस, 4.3 इंच मीरासोल टच स्क्रीन डिस्प्ले, 512 एमबी की रैम, 32 की इंटर्नल मेमोरी, 5 मेगापिक्सल बैक और 1.3 मेगापिक्सल फ्रंट कैमरा होगा। वहीं इसके पीछे तरफ एक सोलर पैनल होगा जो 1700 एमएएच की बैटरी को चार्ज करता रहेगा।

एपल आईफोन 5

बीते साल आईफोन 4 एस का जलवा था। उम्मीद थी कि एपल आईफोन 4 का एडवांस वर्जन लाएगा, लेकिन इसने 4 एस का अपडेटेड वर्जन उतारा। संभावना है कि 2012 में नेक्स्ट जेनरेशन आईफोन 5 में सॉफ्टवेयर-हार्डवेयर अपग्रेड्स के साथ आईट्यूंस क्लाउड इंटीग्रेशन, रेटिना डिस्प्ले, आईओएस 5, 8 मेगापिक्सल फ्लैश कैमरा, एसडी कार्ड ऑप्शन या ज्यादा इंटरनल मेमरी, मोबाइल पेमेंट सर्विस के लिए नियर फील्ड कम्यूनिकेशन (एनएफसी), 2 से 3 इंटरनल एंटीना जैसे फीचर होंगे। संभावना यह भी है कि इसमें अभी तक का सबसे बडा रिवॉल्यूशन वायरलेस चार्जिग जैसा किलर फीचर भी होगा।

स्मार्ट स्कैन माउस

सोचिए कि माउस पॉइंटिंग डिवाइस के अलावा स्कैनर का भी काम करने लगे तो भारी-भरकम स्कैनर से आजादी तो मिलेगी ही, वर्क लोड भी कितना कम हो जाएगा। बीते साल दुनिया के सबसे बडे कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और होम एप्लांइसेज शो आईएफए में एलजी के इस नए माउस ने काफी सुख्रि्ायां बटोरीं। इस माउस में बिल्ट-इन स्कैनर लगा है। जैसे ही यूजर किसी सरफेस पर इसे चलाता है, यह उस इमेज को स्कैन कर लेता है। स्कैन के बाद ड्रेग एंड ड्रॉप का भी ऑप्शन है। साथ ही इसमें प्रोप्रॉयटरी ऑप्टिकल करेक्टर रिकग्नाइजेशन टेक्नोलॉजी यूज की जगह है जो स्कैंड टेक्स्ट को माइक्रोसॉफ्ट वर्ड डॉक्यूमेंट में कन्वर्ट कर देता है, जिसे एडिट भी कर सकते हैं। यह 2 इन 1 डिवाइस ए 3 पेज को भी स्कैन कर सकता है। यह माउस 2012 में कंज्यूमर के लिए लॉन्च होगा।

एपल एचडी टीवी

एपल के को-फाउंडर एवं पूर्व सीईओ स्टीव जॉब्स के बायोग्राफी लेखक वॉल्टर इजाक्सन ने खुलासा किया है कि एपल जल्द रीअल एचडीटीवी लॉन्च करेगा। माना जा रहा है कि यह 2012 में लॉन्च होगा। इसमें 3 डी, एलईडी और इंटरनेट कनेक्टिविटी के अलावा स्काइप कॉन्फ्रेंसिंग के लिए इंटीग्रेटेड कैमरा, रिमोट कंट्रोल की जगह आईफोन 4 एस का लेटेस्ट फीचर सीरी वॉयस कंट्रोल और स्टोरेज के लिए आईक्लाउड जैसे सुपर किलर फीचर भी होंगे।

फ्लेक्सिबल अमोलेड डिस्प्ले

साल 2012 में मोबाइल फोन सेगमेंट में एक नई जंग छिडने वाली है। अब फोन की स्क्रीन मोडी जा सकेगी। नोकिया के फ्यूचर प्रोजेक्ट नोकिया काइनेटिक से पहले सैमसंग ने ऐलान किया है कि वह जल्द ही फ्लेक्सिबल अमोलेड डिस्प्ले बाजार में उतारने वाला है जिन्हें फोल्ड किया जा सकेगा। 4.5 इंच वाली यह फ्लेक्सिबल डिस्प्ले 800 X 480 रिजॉल्यूशन वाली होंगी और इन्हें एक ट्यूब की तरह मोडा जा सकेगा। ये डिस्प्ले इतनी मजबूत होंगी कि हथौडे का वार भी झेल जाएंगी।

निंतेंदो वाई यू

बीते साल ई 3 एक्सपो में निंतेंदो ने अपने नए मोशन गेमिंग कंसोल की थोडी सी झलक दिखाई थी, जिसे लोगों ने हाथों-हाथ लिया। निंतेंदो वाई यू नेक्स्ट जेनरेशन का एचडी गेमिंग कंसोल है, जो बिल्कुल टेबलेट जैसा दिखता है। माइक्रोसॉफ्ट काइनेक्ट की तरह यह भी मोशन गेमिंग पर बेस्ड है। इसमें 6.2 इंच की स्क्रीन, एसेलरोमीटर और जायरोस्कोप सेंसर, साथ ही इनवर्ड फेसिंग कैमरा जैसे फीचर्स के अलावा 3 डी गेमिंग का भी ऑप्शन है। निंतेंदो की यह रिवॉल्यूशनरी डिवाइस 2012 में लोगों के सामने होगी।

विंडो 8 अल्ट्रा बुक

बीता साल जहां टेबलेट के नाम रहा वहीं वर्ष 2012 अल्ट्राबुक्स के नाम रहेगा। इस साल नोटबुक के अपडेट वर्जन अल्ट्राबुक्स की धूम रहेगी। नई अल्ट्राबुक्स में टच एंड टाइप फीचर होगा। यानी नोटबुक में टच स्क्रीन फीचर होगा। माइक्रोसॉफ्ट के विंडो 8 ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलने वाली ये अल्ट्राबुक्स टेबलेट्स को चुनौती देंगी, साथ ही ये पॉकेट फ्रेंड्ली भी होंगी।

ऑसस पैडफोन

अगर टेबलेट के साथ फोन मुफ्त मिले या फोन के साथ टेबलेट मुफ्त हो तो मजा आ जाए। जब चाहा फोन यूज किया और टेबलेट पर भी काम कर लिया। नए साल में इलेक्ट्रॉनिक प्रॉडक्ट्स बनाने वाली कंपनी ऑसस ऐसा ही धमाका करने वाली है। ऑसस पैडफोन फोन भी है और टेबलेट भी। फोन के साथ एक टेबलेट स्क्रीन दी गई है, जब टाइपिंग जैसे मल्टीटास्किंग काम करने हों तो फोन को स्क्रीन में फिट कर दें, वह टेबलेट बन जाएगा। फोन के फीचर टेब में फंक्शन करेंगे। दोनों के लिए एक सिम की जरूरत होगी। दोनों का डाटा भी एक जगह सेव होगा। उम्मीद है कि ऑसस की यह अल्टीमेट डिवाइस 2012 में धूम मचाएगी।
--------------------------

Jeevan singh
ILAS College,
Garhmukteshwar, Panchsheel Nagar

अच्छा लगने पर ब्लॉग समर्थक बनकर मेरा उत्साहवर्द्धन एवं मार्गदर्शन करें | 
vmwteam@live.com
+91-9024589902:
+91-9044412246,27,12

कम शिक्षित हैं , तो भी कैरियर के कई ऑप्शंस

Low education and jobs
उच्च शिक्षा वालों के लिए तो तमाम अवसर उपलब्ध हैं ही, यदि आप कम शिक्षित हैं या दसवीं पास हैं, तो भी कैरियर के कई ऑप्शंस आपके लिए उपलब्ध हैं...
सामान्य रूप से यह विश्वास किया जाता है कि कैरियर में अच्छा करने के लिए कम-से-कम ग्रेजुएट तो होना ही चाहिए। यह सच भी है, पर ऐसा नहीं है कि किसी कारणवश यदि कोई विद्यार्थी उच्च शिक्षा प्राप्त करने में असमर्थ होता है, तो उसके लिए रास्ते बंद हो जाते हैं। यहां तक कि जो अभ्यर्थी दसवीं पास या उससे भी कम शिक्षित हैं, उनके लिए भी तमाम मौके उपलब्ध हैं। एक बात और, कम शिक्षित होने के आधार पर नौकरी प्राप्त करने का मतलब यह कतई नहीं है कि आपके लिए सीमाएं बंध गईं। अपनी वर्तमान शैक्षणिक योग्यता के आधार पर कोई नौकरी प्राप्त करने के बाद आप चाहें तो उच्च शिक्षा भी प्राप्त कर सकते हैं। इसका एक फायदा यह भी होगा कि आपको काम का भी अनुभव हो जाएगा।

राहुल गांधी को प्रधानममंत्री बनाने की मांग

पार्टी के राजनीति में कब क्या हो जाए, कहना मुश्किल होता है। अब यही देखिए कि मुख्य विपक्षी दल बीजेपी ने राहुल गांधी को प्रधानममंत्री बनाने की मांग कर दी। अब तक यह मांग कांग्रेसी करते थे। हालांकि पार्टी की दलील यह है कि इससे साफ हो जाएगा कि राहुल गांधी में कितना दम है। कांग्रेस ने बिना देर किए इस बात का एलान कर दिया कि यह मांग बीजेपी की मानसिक पराजय का संकेत है। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने रविवार को संवाददाताओं से बातचीत के दौरान एक सवाल के जवाब में कहा, 'यूपीए सरकार के अभी 2 साल बाकी हैं। इसमें राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बना देना चाहिए ताकि देश की जनता भी देख ले कि उनमें देश की समस्याओं की कितनी समझ और उनके समाधान की कितनी क्षमता है।' उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनने के लिए सिर्फ इतना ही तो कहना है कि 'मनमोहन सिंह जी आप कुर्सी से उतरिए, हम बैठेंगे।' यह सवाल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के अध्यक्ष और केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार की इस टिप्पणी के बारे में पूछा गया था, जिसमें पवार ने कहा है कि राहुल गांधी को उत्तर प्रदेश में चुनाव अभियान की कमान सौंपकर कांग्रेस ने एक जुआ खेला है, क्योंकि अगर कांग्रेस अच्छा नहीं कर पाई तो सारी जिम्मेदारी उनके सिर जाएगी। पवार ने यह भी कहा था कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का चुनाव परिणाम अच्छा भी हो तो भी राहुल गांधी को तुरंत प्रधानमंत्री पद के लिए प्रोजेक्ट नहीं किया जा सकता।

***********
अच्छा लगने पर ब्लॉग समर्थक बनकर मेरा उत्साहवर्द्धन एवं मार्गदर्शन करें | 
vmwteam@live.com 
+91-9024589902:
+91-9044412246,27,12

एह पर करियो मतदान

चुनाव आयोग बहुत कडाई कईले बा . प्रत्यासी भी बहुत चालाकी देखावत हवे . गाव गाव लक्जरी गाडी  घूमत हई. कवनो साहब शुब्बा राही में  चेकिंग - ओकिंग करत में मिळत  हवे त इहे जवाब देत हवे - हम बरदेखुआ हईं . फलाने की घरे जात हई . अब फलाने की दुआरी तिल्कहरून  के भीड़ देख के अटिदार- पटीदार, पास -पड़ोस के लोग बटुरा जाता . फलाने भी तिल्कहरून के खूब आव -भगत करत हवे . मर -मिठाई , नर -नमकीन , अकौड़ी- पकौड़ी चापि के ऊपर से चाह-चुह पी- पा के जब राहि धरे जात हवे त घर की मुखिया की हाथ में हज़ार - दू हज़ार थमा के कान में धीरे से कहत हवे . अरे भईया ! हम साचो के तिलकहरू न हई, हम फलाने के समर्थक हई आ वोट मांगे घूमत हई . यह चिन्ह पर बटन दबा दिहा . दरअसल बात इ बा की यह  बार जैसन  चनाव आयोग के  खौफ पहले कभी न देखे के मिलल रहे । अधिकारी हों, अथवा कर्मचारी या प्रत्याशी सजो  लोग  चुनाव आयोग की डंडे के खौफ से सहम गईल बा । चुनाव में  जनता के बीच जा के   अपनी प्रत्याशिता क प्रचार कईल  उनकी मजबूरी बा , सो तरह -तरह के हथ कंडा अपनावल जता ,चुनाव आयोग क फरमान बा  कि तीन गाडी से अधिका वाहन न चली , सो लोग तिलकहरू बनी के घूमत हवे , अपन  प्रचार करत हवे । इ सब आयोग के छकावे के जोगार ह।  हमरी देवरिया जिला की बरहज में त अयिसन तिल्कहरून के बाढ़ आ गईल बा , बिना बिआहे तय कईले खूब गोड़ लगायी , राह धराई मिळत बा . एगो प्रत्यासी त साठ गो  बेलोरो आ इस्कर्पियो उतार देले हवे , कही बरछा , त कही बर देखाई . कही बर छेकाई . सब फर्जी चलता ये भाई . अब यह हालत पर एगो कविता सुन ली -

गाव गाव तिलकहरू घुमे  , खूब करे जलपान / 
जाये की बेरी कान में कहले, एह पर करियो मतदान/
हाथ जोड़ के नगद थम्हावे, बार बार प्रणाम /
अबकी रउरा न बिसरायिब,इहे  ह मोर निशान/
आफत कईले बा आयोगवा, बहुत बा घामासान / 
येही बहाने प्रचार चलत बा, हमरो साझ -बिहान / 
बरहज में मतदाता मगन बा, खूब मिळत बा दाम /
खीच के सेवा तिल्कहरून के, अपनों मान-सम्मान / 
अच्छा लगने पर ब्लॉग समर्थक बनकर मेरा उत्साहवर्द्धन एवं मार्गदर्शन करें | 
vmwteam@live.com 
+91-9024589902:
+91-9044412246,27,12

29 January, 2012

पवनपुत्र हनुमान वायुमार्ग से

यूं तो पवनपुत्र हनुमान स्वयं हवा से बातें करते हैं, लेकिन बड़ी प्रतिमा के रूप में वायुमार्ग से जाना संभवत: पहली बार होगा। अगले सप्ताह यहां से एक ऎसी ही पांच टन वजनी हनुमान प्रतिमा विमान के जरिए अमरीका के हवाई स्थित सान मार्गा आरैवान के हिन्दू मंदिर में पहुंचाई जाएगी।
भारत व श्रीलंका के बाहर विश्व का यह पहला मंदिर है, जो ग्रेनाइट से बना है। काले ग्रेनाइट की 50 टन वजनी एकलशिला से तराशकर 20 फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा बनकर तैयार है। उच्च किस्म के ग्रेनाइट से मूर्ति तराशने में लगभग दो वर्ष का समय और 2,500 श्रम दिवस लगे हैं। प्रतिमा के बाएं हाथ पर मंदिर का तांबे का प्रतिरूप है। कर्नाटक चित्रकला परिषद के पूर्व छात्र संस्थान अर्था एण्टरप्राइजेज ने यह प्रतिमा बनाई है। इसे बनाने में आधुनिक तकनीक, शिल्प शास्त्र व हनुमान की शक्ति के पौराणिक मान्यताओं का ख्याल रखा गया है।
जय हनुमान
05 टन वजनी प्रतिमा
50 टन वजनी एकलशिला से तराशकर बनी
20 फीट ऊंची
02 वर्ष का समय लगा तराशने में
2,500 श्रम दिवस में बनी

महंगाई से त्रस्त आम आदमी पर जल्द ही एक और मार पड़ने वाली है

पहले  से ही महंगाई से त्रस्त आम आदमी पर जल्द ही एक और मार पड़ने वाली है। रेलवे के सूत्रों के मुताबिक एसी क्लास में किराए में बढ़ोतरी तय है। वित्तीय संसाधनों में कमी के कारण आम फंड को बढ़ाने के लिए रेल किराए में बढ़ोतरी के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। वित्त मंत्रालय और योजना
आयोग की तरफ से भी किराए में बढ़ोतरी का दबाव बढ़ता जा रहा है।

अपने बेड के अंदर अनुपयोगी सामान भर रखा है तो उसे तुरंत हटा दें।

आजकल काफी लोगों के घरों में यह एक आम बात है कि बेड के अंदर फालतू, खराब सामान रख दिया जाता है। वैसे तो यह एक सामान्य बात है लेकिन शास्त्रों के अनुसार इसके कई बुरे प्रभाव प्राप्त हो सकते हैं। जो लोग अपने बेड के अंदर पुराने कपड़े, पुराने बिस्तर आदि ऐसे सामान रखते हैं जिनका उपयोग नहीं होता है तो इसके कई अशुभ प्रभाव झेलना पड़ सकते हैं। इसी वजह से बेड के अंदर इस प्रकार के सामान नहीं रखना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि फिजूल सामान को बेड में रखने से जो व्यक्ति उस पर सोता है उसे कई प्रकार की बीमारियां होने का खतरा बना रहता है। यदि कोई बीमार व्यक्ति ऐसे बेड पर सोता है तो उसका जल्दी स्वस्थ होना बहुत मुश्किल होता है। इसके अलावा ऐसे लोगों को धन संबंधी परेशानियों का सामना भी करना पड़ता है। वास्तु के अनुसार भी ऐसी स्थिति परेशानियां पैदा करने वाली ही होती हैं। बेड के अंदर फालतू और अनुपयोगी सामान भरने से घर में नकारात्मक ऊर्जा अधिक सक्रिय हो जाती है और सकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव कम होता जाता है।

वोट के लिए कुछ भी करेगा

कई राज्यों में विधान सभा चुनाव होने जा रहे है ऐसे में हमारे नेता वोट के लिए नया नया फर्मूला तैयार कर रहे है है कोई कंप्यूटर देने की कह रहा है तो कोई मोबाइल
भारत के तमाम राज्यों में इन दिनों सरकारें छात्रों को आईटी एजुकेशन के लिए प्रेरित करने में जुटी हैं। पहले तमिलनाडू की मुख्यमंत्री जयललिता द्वारा छात्रों को मुफ्त में लैपटॉप बांटने का ऐलान किया गया और अब असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने यह घोषणा की है कि बोर्ड एग्जाम में 50 पर्सेंट से अधिक नंबर लाने वाले छात्रों को मुफ्त में लैपटॉप दिया जाएगा।
एक कार्यक्रम के दौरान गोगोई ने कहा, 'मेरी सरकार ने शिक्षा को विशेष तवज्जो दी है, क्योंकि यह अकेले निरक्षरता, गरीबी और बेरोजगारी को दूर कर सकता है।' साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि शिक्षा, समय की मांग के अनुरूप ही होनी चाहिए। ऐसे में उनकी सरकार ने अगले साल स्कूल बोर्ड परीक्षा में 50 प्रतिशत से अधिक अंक पाने वाले छात्रों को कम्प्यूटर और लैपटॉप देने की घोषणा की है। ताकि छात्रों में आईटी एजुकेशन को लेकर जागरूकता बढ़े।

02 January, 2012

यह नोट बेहद महंगा पड़ता है


भारत सरकार देश की मुद्रा छापने पर भारी रकम खर्च करती है और यह खर्च बढ़ता ही जा रहा है। महंगाई और कागज के बढ़ते दामों से इसकी लागत और बढ़ रही है। रिजर्व बैंक की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक 5 रुपए का एक नोट छापने पर भारत सरकार को 48 पैसे की लागत आती है। इसलिए यह नोट बेहद महंगा पड़ता है। एक रुपया और दो रुपए के नोट बंद कर देने के पीछे यही कारण रहा है। मुद्रास्फीति बढ़ने से सरकार को पहले से कहीं ज्यादा खर्च करना पड़ता है और नोट भी कहीं ज्यादा छापने पड़ते हैं। नोटों की छपाई पर सरकार को कहीं ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है। 1,000 रुपए के नोट पर सरकार को 3.17 रुपए का खर्च आता है। पिछले साल सरकार को 2,376 करोड़ रुपए सिर्फ नोट छापने पर ही खर्च करने प़ड़े।
सरकार नोटों की छपाई पर खर्च घटाने के लिए कई तरह के प्रयास कर रही है। इसमें प्लास्टिक के नोट छापने जैसे कदम भी हैं जिनका जीवन काल कहीं ज्यादा होता है।

01 January, 2012

नए साल का जश्न

दुनियाभर में नए साल 2012 का स्वागत बेहद गर्मजोशी के साथ किया गया. भारत में जैसे ही घड़ी की सुइयों ने 12 बजाए देशभर में नए साल की अगवानी के साथ लोगों ने एक-दूसरे को नववर्ष की बधाई दी और जमकर आतिशबाजी की.
सबसे पहले आस्ट्रेलिया में नए साल का जश्न मनाया गया, क्योंकि सबसे पहले वहीं सूर्योदय होता है. अमेरिका, इंग्लैंड, रूस, जापान, चीन, उत्तरी और दक्षिणी कोरिया सहित पूरी दुनिया के लोगों ने 2011 को अलविदा कहा और 'हैप्पी न्यू ईयर' कहकर नए साल का जश्न मनाना शुरू कर दिया.
हमारी टीम ने भी नए साल का जश्न कुछ इस तरह मनाया -----


दुआ है दिल की गहराइयों से!

नववर्ष की आप सभी को हार्दिक बधाई |
पीछे मुड़कर मन में झाका ऐसा लगा जैसे सारे पल अभी अभी तो गुजरे है | कुछ खट्टे,कुछ मीठे,अच्छी यादे साथ लिए चलेंगे,काटों को पीछे छोड़,खुशी के गलियारे पर मुड़ने को तैयार |
वादा तो नही मगर कोशिश जरूर रहेगी के अगले साल ज्यादा लिखूँ| व्यस्तता या कहे ज़िम्मेदारियाँ या थोडा हमारा आलसीपन भी कारण रहा होगा.मगर कसम से जब भी वक़्त मिला हम अपने दोस्तों का ब्लॉग जरूर पढ़ते,चाहे कॉमेंट करे ना करे,वही तो स्त्रोत है जो हमे आप सब से जोड़के रखता है |
सोचती हूँ इस मोड़ ठहर जाउ यहाँ
मिलु और कहू कुछ अपनी सुनू कुछ आपकी
इन गुलाबी रिश्तों पर नाज़ है दिल को |


सदा दूर रहो गम की परछाइयों से, सामना न हो कभी तनहाइयों से,
हर अरमान हर ख्वाब पूरा हो आपका, यही दुआ है दिल की गहराइयों से!

आप और आपके परिवार जनों को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाये । 
नववर्ष सबके लिए सुख-संमृद्धि एवं वैभवपूर्ण हो, और आशा करता हूँ कि 
नववर्ष आप सभी के लिए मंगलमय एवं लक्ष्य प्राप्ति से भरपूर हो साथ ही 
नववर्ष में आशानुरूप सफलता की प्राप्ति लिए कामना करता हूँ।



VMW Team
info@vmwteam.co.in
team@vmwteam.co.in
www.vmwteam.blogspot.com
Loading...