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26 June, 2011


एक बार फिर आम आदमी को महंगाई का करंट लगा है। केंद्र सरकार ने डीजल, केरोसिन और रसोई गैस के दामों में खासा इजाफा कर दिया है वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी की अध्यक्षता में तेल की कीमतों पर बनाए गए मंत्रियों के समूह की बैठक में मूल्यवृद्धि को हरी झंडी दी गई।सत्ता में आने के बाद यूपीए सरकार ने पहली बार 16 जून 2004 को मिट्टी के तेल के दाम बढ़ा दिए थे। यह सिलसिला उस वक् से जारी है। 16 जून 2004 को दिल्ली में एक लीटर केरोसिन 9.02 रुपये में मिलता था। 25 जून 2011 को यह 14.83 रुपये तक पहुंच गया। 'आम आदमी का मसीहा' होने का दावा करने वाली कांग्रेस की अगुवाई वाली सरकार ने मिट्टी के तेल के दाम में कुल मिलाकर नौ बार बढोतरी की।
हालांकि पीएम मनमोहन सिंह के राज में मिट्टी के तेल के दाम दोगुने तो नहीं हुए लेकिन डीजल के दाम करीब करीब दोगुने हो चुके हैं। मनमोहन सरकार ने 15 जून 2004 को पहली बार डीजल की कीमतें बढ़ाईं। 14 जून 2004 तक दिल्ली में एक लीटर डीजल 21.73 रुपए का मिलता था। 25 जून 2011 को एक लीटर डीजल 41.12 रुपए का हो चुका है।यूपीए सरकार में पेट्रोल के दाम में भी खासा इजाफा हुआ है। राष्ट्रीय राजधानी में 14 जून 2004 तक एक लीटर पेट्रोल 33.07 रुपए का मिलता था। 25 जून 2011 यानी आज वही पेट्रोल 63. 37 रुपए में मिल रहा है जो कि दोगुने से बस कुछ ही कम है। देश में 2004 से कांग्रेस की अगुवाई में सरकार चल रही है। आकड़े कहते हैं कि 2004 से लेकर अबतक पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस, केरोसिन के दामों के मामले में उन्होंने जो फैसले लिए हैं उसने आम आदमी का दम निकालने में कोई कसर छोड़ी नहीं है। 22 मई 2004 को मनमोहन सिंह देश के प्रधानमंत्री बने थे। 16 जून 2004 को दिल्ली में एक लीटर केरोसिन नौ रुपए दो पैसे में मिलता था। 25 जून 2011 को दाम 14 रुपए 83 पैसे पर पहुंच गया। कुल मिलाकर नौ बार दाम बढ़ाते-बढाते मनमोहन सिंह मिट्टी के तेल के दाम पांच रुपए 63 पैसे बढ़ा चुके हैं। 15 जून 2004 को पहली बार डीजल के दाम पर मनमोहन सिंह की सरकार का चाबुक चला था। 14 जून 2004 तक दिल्ली में एक लीटर डीजल 21 रुपए 73 पैसे का मिलता था। 25 जून 2011 को एक लीटर डीजल 41 रुपए 12 पैसे का हो चुका है। 14 जून 2004 तक दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल का दाम 33 रुपए 7 पैसे का मिलता था। 25 जून 2011 को वही पेट्रोल 63 रुपए 37 पैसे में मिल रहा है जो कि दोगुने से बस कुछ ही कम है।15 प्रतिशत भाड़ा बढ़ेगा: शहर के ट्रांसपोर्टर्स ने डीजल के दामों में 3.54 रुपए की बढ़ोतरी के बाद भाड़े में 10 से 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी का घोषणा की है।निजी बस मालिकों ने भी बच्चों को स्कूल लाने और ले जाने वाली बसों के किराए में बढ़ोतरी की घोषणा की है। वह स्कूल मालिकों के साथ बैठक कर तय करेंगे की कितना किराया बढ़ाया जाए।सरकार द्वारा रसोई गैस, डीजल और केरोसिन के दाम बढ़ाए जाने के बाद आम आदमी का बजट गड़बड़ा गया है। सरकार के इस निर्णय का जबरदस्त विरोध हो रहा है। अगर यह वृद्धि वापस नहीं ली जाती है तो सभी वस्तुओं के दाम बढ़ जाएंगे और जनता का जीना मुहाल हो जाएगा।
VMW Team
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