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21 December, 2010

लौन्डा पहिले बदनाम भईल

मुन्नी आज बदनाम होत हई, लौन्डा पहिले बदनाम भईल..
घनेसर काका की मुंह से, बलेसर भइया की मुंह आ पिन्टुआ की मुंह से एकै गाना- ‘ मुन्नी बदनाम हुई... ।’ दरअसल आवे वाली फिल्म ‘दबंग’ के दबंगई के असर बा कि जन-जन की जुबान पर मुन्नी के चर्चा बा। मुन्नी की चर्चा पर घरघूमन लाल का एतराज बा। कहत हवें मुन्नी आज बदनाम होत हई, लौन्डा बहुत पहिले बदनाम हो गईल। अपनी जवानी के दिन के पन्ना पलटत बतवलें कि लौन्डा कइसे बदनाम भईल रहे नसीबन खातिर। चार दशक पहिले इ गाना नाच-नौटंकी में हल्फा मचवले रहे ‘ लौन्डा बदनाम हुआ, नसीबन तेरे लिए। सेर भर आटा होगा, जंगल की लकड़ी होगी, पकापक पकता होगा नसीबन तेरे लिए...।’ मुन्नी की आइटम सांग की पहिले बहुत गरमा-गरम मसाला के टेस्ट लोग ले लेले बा। याद ना होखे त बतावत हईं। 1975 में आइल ‘शोले’ में हेलन हिला के रखि दीहली, जब गवली- महबूबा-महबूबा...। 1993 में एगो फिल्म आइल रहे ‘खलनायक’। माधुरी दीक्षित डांस करत रहली। गाना बजत रहे ‘चोली के पीछे क्या है...। ’ 1999 में आइल ‘शूल’ में शिल्पा शेट्टी जब ‘आई हूं यूपी बिहार लूटने...।’ पर ठुमका लगावल शुरू कइली त बन्दा से बर्दास्त ना भइल आ सिनेमा हाल में अपनो ठुमका लगावे लागल। शिल्पा यूपी बिहार वालन के लूटत रही आ बन्दा के जेब कवनो जेबकतरी साफ क दिहलसि। 2005 में ‘बंटी-बबली’ एश्वर्या राय पर फिल्मावल गाना- ‘कजरारे-कजरारे तेरे कारे-कारे नैना...।’ घर मे गावत घुसलीं त पतोहिया हमरे मलिकाइन से कहलसि, बाबुजी के रहन ठीक ना बा। 2006 में ‘ओमकारा’  फिल्म के जयकारा हर जगह लागल। अबो लागत बा। बिपाशा बसु की जिगर में एतना आग रहल कि केतने बन्दा ‘बीड़ी जलइले, जिगर से पिया, जिगर मा बड़ी आग है...।’ से जरि गइलें। कहला के मतलब इ बा कि मुन्नी की बदनामी आ लौन्डा की बदनामी के बीच में बहुत लोग बदनाम हो चुकल बा। ‘दबंग’ के इ गाना कहिया ले हीट रही भगवान जाने। लेकिन शोले के ‘महबूबा-महबूबा’ जब भी कहीं बजेला त बुढ़ौती में हमार टंगरी ठुमका लगावला की पोजिशन में आ जाले। देहि में करंट आ जाला। घर में फजीहत भइला की बाद अब कभी कजरारे गावे के मन करेला त दहिने-बाएं देखि के तब गुनगुनालीं। खैर! आपन बतकही बन्द करत इहे कहब- लौन्डा बहुत पहिलहि बदनाम रहल नसीबन खातिर!
 
एन.डी.देहाती
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